Jamui Road Accident: जमुई जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सोनो-झाझा मुख्य मार्ग (एनएच-333) पर सोमवार देर रात तेज रफ्तार गिट्टी लदे हाइवा ने 52 वर्षीय मजदूर दिनेश यादव को कुचल दिया, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने तत्काल सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते एनएच-333 पर करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
भीठरा पेट्रोल पंप के समीप हुई इस दुर्घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया। गंभीर रूप से घायल दिनेश यादव को इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। दिनेश यादव भीठरा गांव के ही निवासी थे। उनके आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि डेढ़ साल के भीतर यह उनके परिवार पर आई दूसरी बड़ी विपदा है।
मुआवजे और स्पीड ब्रेकर की मांग पर अड़े ग्रामीण
हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। उन्होंने मृतक के परिजनों के लिए तत्काल मुआवजे और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीठरा पेट्रोल पंप के पास स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की। इन मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने एनएच-333 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
“हाइवा के अनियंत्रित होने से मजदूर दिनेश यादव की मौत हुई है। ग्रामीण मुआवजे और स्पीड ब्रेकर की मांग कर रहे हैं, जिस पर प्रशासन से बातचीत जारी है।”
पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। लंबी बातचीत और मांगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण सड़क से हटे और यातायात सामान्य हो सका। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल
जमुई में यह सड़क दुर्घटना न केवल एक व्यक्ति की जान लेने वाली घटना है, बल्कि यह क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के उपायों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। गिट्टी लदे वाहनों की तेज रफ्तार और उनके अनियंत्रित होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके।







