Patna Alok Kumar Murder: पटना के राजीव नगर स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में पूर्व महाप्रबंधक आलोक कुमार (67) की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच अब एक नया मोड़ ले रही है। हत्या की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। अब उनकी मौत का लिंक रांची में तीन महीने पहले हुए एक जानलेवा हमले से जोड़कर भी देखा जा रहा है, जिससे इस हत्याकांड की गुत्थी और उलझ गई है।
पुलिस को आशंका है कि रांची में आलोक कुमार पर हमला करने वाले बदमाशों की भूमिका इस घटना में हो सकती है, हालांकि अभी तक कोई सीधा प्रमाण सामने नहीं आया है। इस नई कड़ी के सामने आने से पटना पुलिस और रांची पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
रांची में कैसे हुआ था जानलेवा हमला?
पुलिस के अनुसार, आलोक कुमार पर 23 जुलाई को रांची के कांके रोड स्थित उनके घर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने हमला किया था। बदमाशों ने उन पर चाकू से जानलेवा हमला किया, लेकिन आलोक कुमार ने बहादुरी दिखाते हुए उनका सामना किया और अपनी जान बचाने में सफल रहे। इस घटना के संबंध में गोंदा थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन तब से इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राजीव नगर थानेदार ओमकार नाथ राय ने बताया, ‘रांची पुलिस से संपर्क कर पुराने हमले से जुड़ी जानकारी ली जायेगी। इसके आधार पर पटना में हुई घटना की जांच को आगे बढ़ाया जायेगा।’
इस बयान के बाद पटना पुलिस अब रांची पुलिस से संपर्क साध रही है ताकि पुराने हमले से जुड़ी सभी जानकारी जुटाई जा सके। माना जा रहा है कि यह जानकारी पटना में हुई हत्या की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
प्रॉपर्टी डीलिंग और पुराने हमले की जांच
आलोक कुमार सीएमपीडीआई, रांची में मानव संसाधन विभाग सह सीएसआर के महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह रांची में कुछ साझेदारों के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है और उनका इकलौता बेटा अनुराग प्रसाद मलेशिया में इंजीनियर है। मूल रूप से मोतिहारी के बलुआ राजा बाजार के निवासी आलोक कुमार वर्तमान में रांची के कांके रोड स्थित इंदिरा नगर में रहते थे। अपनी छोटी बहन से मिलने वह अक्सर पटना आते थे।
शनिवार की सुबह वह राजीव नगर की फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित विद्या बिहार अपार्टमेंट से सैर के लिए कार से निकले थे। बाद में उनका शव कार से बरामद हुआ। उनके कान के पीछे गोली लगने के साथ ही खुरचने के निशान भी मिले थे, जिससे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। रविवार को उनके बेटे अनुराग प्रसाद के लिखित आवेदन पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया, हालांकि आवेदन में किसी विशेष व्यक्ति पर संदेह नहीं जताया गया है। अब पुलिस रांची में हुए हमले, उनके प्रॉपर्टी कारोबार और पटना में हुई मौत के बीच किसी संभावित कड़ी को तलाश रही है। फिलहाल, दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।







