Bihar Durga Puja Safety: दुर्गा पूजा से पहले बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अग्निशमन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यभर में बनाए गए करीब 20 हजार पूजा पंडालों की अब सख्त जांच होगी। विभाग ने आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है। शुक्रवार से अग्निशमन विभाग की टीमें सभी पंडालों का निरीक्षण शुरू करेंगी, जिसमें सुरक्षा मानकों और आग से बचाव के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
लापरवाही पर रद्द होगा लाइसेंस, DIG ने दी चेतावनी
जांच के दौरान यदि किसी पंडाल में नियमों की कमी पाई जाती है, तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर लापरवाही के मामलों में तो पंडाल का लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान रखा गया है। फायर DIG मनोज कुमार नट ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटना में करीब 1500 पूजा पंडालों का रजिस्ट्रेशन किया गया है, जिनमें से लगभग 100 पंडाल बड़े स्तर के हैं। इन बड़े पंडालों पर खास निगरानी रखी जाएगी। विभाग ने सभी जिलों को भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
पटना में विशेष निगरानी, 4 जोन में बंटी सुरक्षा
राजधानी पटना में इस बार आग से बचाव की निगरानी व्यवस्था को चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। शहरभर में रणनीतिक स्थानों पर अग्निशमन की गाड़ियां तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंच सके। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि किसी भी पंडाल या उसके आसपास के इलाके में आग लगने की घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
रेस्क्यू के लिए अलग टीम, कंट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग
अग्निशमन विभाग ने इस बार रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक अलग टीम भी तैयार की है। इस टीम का मुख्य काम आग बुझाने के साथ-साथ बचाव कार्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा। भीड़भाड़ वाले पंडालों में किसी भी आपात स्थिति के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना इस टीम की अहम जिम्मेदारी होगी। इसके अतिरिक्त, जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से सभी जिलों में चल रही सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर अस्थायी कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जा रहे हैं।
फायर DIG ने बताया कि जिला अग्निशमन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं, जिनमें पूजा के दौरान की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की जाती है। राज्य स्तर से जारी एडवाइजरी के आधार पर स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। विभाग का मुख्य जोर इस बात पर है कि पूजा शुरू होने से पहले सभी दमकल और रेस्क्यू व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें, खासकर बड़े और अधिक भीड़ वाले पंडालों में।







