Bihar Education Scam: बिहार के भागलपुर जिले में एक बड़े कथित शिक्षा घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। शिक्षा विभाग में करीब 98 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शशि चंदन चौधरी और संविदा ऑपरेटर अविनाश राज से गहन पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि फर्जी शिक्षिका की आईडी बनाकर सरकारी खजाने से बड़ी रकम का भुगतान किया गया।
पहले की शिकायत, अब खुद जांच के दायरे में DPO
इस पूरे मामले की शुरुआत में, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शशि चंदन चौधरी ने ही संविदा ऑपरेटर अविनाश राज और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, भुगतान प्रक्रिया में DPO शशि चंदन चौधरी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई। पुलिस अब इस पहलू पर गंभीरता से छानबीन कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सरकारी राशि के भुगतान के अंतिम अनुमोदन और डिजिटल हस्ताक्षर से जुड़े सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी शिक्षिका की आईडी किसने बनाई, सरकारी राशि का भुगतान किस प्रक्रिया के तहत हुआ और इस पूरे घोटाले में किन-किन लोगों की संलिप्तता रही।
शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली पर उठे सवाल
करीब 98 लाख रुपये की इस कथित वित्तीय अनियमितता के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था और भुगतान प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। फिलहाल, पुलिस दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने की कोशिश में जुटी है। इस कथित Bihar Education Scam की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।








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