Bihar Flight Ticket Price: दिल्ली से पटना और पटना से दिल्ली की यात्रा अब आम लोगों के लिए तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ जहाँ कई ट्रेनों को शनिवार के लिए रद्द किया गया है, वहीं दूसरी ओर हवाई किराए में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फ्लाइट के दामों में तीन गुना तक का इजाफा होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दिल्ली-पटना हवाई किराए में भारी उछाल, जेब पर मार
ट्रेनों के रद्द होने का सीधा असर हवाई किराए पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, ट्रेनें रद्द होने की घोषणा के बाद से ही हवाई किराए में तेजी से बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को ट्रेनें रद्द होने की खबर आते ही लोगों ने फ्लाइट के किराए की जाँच शुरू कर दी थी। शनिवार को पटना से दिल्ली का हवाई किराया 7 से 8 हजार रुपये के बीच रहा। हालाँकि, दिल्ली से पटना आने के लिए यात्रियों को 7100 रुपये तक खर्च करने पड़े।
शाम 7 बजे तक दिल्ली से पटना आने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस का किराया करीब 27 हजार 137 रुपये तक पहुँच गया। इंडिगो की फ्लाइट में सुबह के समय यह किराया लगभग 15 हजार रुपये था। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि किराए में लगभग तीन गुना की वृद्धि हुई है, जिससे यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ा है।
ये प्रमुख ट्रेनें रद्द, यात्रा करना मुश्किल
दिल्ली में बड़े पैमाने पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण शनिवार को बिहार और दिल्ली के बीच चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इन रद्द की गई ट्रेनों में शामिल हैं:
- तेजस राजधानी एक्सप्रेस
- सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस
- अमृत भारत
- मगध एक्सप्रेस
- श्रमजीवी एक्सप्रेस
- यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
- शताब्दी एक्सप्रेस
- इंटरसिटी एक्सप्रेस
यह रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली से अन्य राज्यों के बीच चलने वाली कई और ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं।
विरोध प्रदर्शन बना ट्रेन रद्द होने का कारण
दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन जारी हैं। 10 अक्टूबर को होने वाले इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाते हुए कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है।
ट्रेनों के रद्द होने और हवाई किराए में अप्रत्याशित वृद्धि से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन लोगों को जिनकी यात्राएँ पहले से निर्धारित थीं। रेलवे का यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है, लेकिन इसका सीधा खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।







