spot_img

दिल्ली में बड़ा आंदोलन: छात्र प्रदर्शन पर अड़े, बिहार के अभिभावक बच्चों के करियर को लेकर डरे, क्या होगा आज? पढ़िए – लापता और मैं तो आंदोलन में जाऊंगा?

Bihar Jharkhand Students Protest: नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर बिहार-झारखंड के छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरा द्वंद्व है। जहां छात्र अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं, वहीं माता-पिता उनके करियर को लेकर चिंतित हैं।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Jharkhand Students Protest: नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर, शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर एक बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। यह प्रदर्शन एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया है। इस आंदोलन को लेकर दिल्ली में पढ़ाई कर रहे बिहार-झारखंड के छात्रों और उनके माता-पिता के बीच भारी असमंजस की स्थिति है। अभिभावक अपने बच्चों को इसमें शामिल होने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई युवा इसमें भागीदारी पर अड़े हैं।

- Advertisement -

पूर्णिया का रोहित झा दो दिन से लापता

पूर्णिया जिले के रोहित झा पिछले दो दिनों से लापता हैं। दरअसल, रोहित जुलाई में दिल्ली में नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में भी शामिल हुए थे। उस वक्त माता-पिता को पता चला, तो घर में उन्हें काफी डांट पड़ी थी। इस बार उन्हें लगा कि शायद घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया जाएगा, इसलिए वह दो दिन पहले ही घर से निकल गए। अब उनके माता-पिता परेशान हैं और उनकी तलाश कर रहे हैं।

- Advertisement -

सीवान के हिमांशु ने माता-पिता को मनाया

सीवान जिले के हिमांशु भी इस आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, वह रोहित झा की तरह छिपकर नहीं जा रहे। हिमांशु ने बताया कि बिहार के अभिभावकों की सोच अलग होती है। उन्होंने कहा, ‘उन्हें जो मीडिया में दिखाया जाता है, वही पता होता है। हम यहां हैं, तो हमें सच पता है। इसलिए वे रोक रहे हैं। लेकिन, मैं तो आंदोलन में जाऊंगा।’

अपने बेहतर भविष्य की लड़ाई हमें खुद ही लड़नी होगी। इसलिए आंदोलन में जाऊंगा। बेहतर कल के लिए जंग लड़नी ही होगी। जंग लड़ते रहिये, आज नहीं तो कल हम जो चाहते हैं, वो हमें मिलेगा। बेहतर शिक्षा, बेहतर समाज का निर्माण होगा।

- Advertisement -

हिमांशु ने यह भी बताया कि आंदोलन में शामिल होने वाले लगभग 70 प्रतिशत युवाओं ने अपने घर में इस बारे में नहीं बताया है। उनके माता-पिता भी उन्हें ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह देते हैं, फिर भी छात्र इसमें भाग लेते हैं।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga Crime दरभंगा में बड़े अंतरराष्ट्रीय बाइक चोर गिरोह का सनसनीखेज खुलासा: नेपाल तक फैला है नेटवर्क ! मिलीं 4 चोरी की बाइक

अभिभावकों को बच्चों के करियर की चिंता

रांची के राजीव रंजन, जिनके बेटे दिल्ली आईआईटी में पढ़ते हैं, उन्होंने अपने बच्चे का नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बेटे से ऐसे किसी भी प्रोटेस्ट में शामिल न होने को कहा है, जहां पुलिस की सख्ती या कार्रवाई का डर हो।

आंदोलन तो नेता करते हैं, लेकिन मुकदमा बेकसूर बच्चों पर होता है। एक बार मुकदमा हो गया, तो बच्चे का करियर भी दांव पर लग जाता है। इसलिए हम नहीं चाहते कि हमारा बच्चा इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो।

रांची में रहने वाले अशोक सिंह का बेटा दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी का छात्र है। वह भी आंदोलन में जाना चाहता है, लेकिन अशोक सिंह ने साफ हिदायत दी है कि जब तक पढ़ाई चल रही है, तब तक किसी ऐसे आंदोलन में शामिल होने की जरूरत नहीं है, जिसमें केस-मुकदमे का डर हो। उनका मानना है कि राजनीतिक आंदोलनों में नेताओं को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि आम लोग ही परेशान होते हैं। राजनीतिक पार्टियां युवाओं को मोहरा बनाती हैं।

यह भी पढ़ें:  CM योगी का ऐतिहासिक फैसला!जेवर एयरपोर्ट का नाम अब... नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा | 39 बड़े ऐलान

इसी तरह, रांची के सुभाष महतो का बेटा दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहा है। उन्होंने भी अपने बेटे को किसी भी आंदोलन या धरना-प्रदर्शन में शामिल होने से मना किया है।

उनकी तरह हर अभिभावक यही चाहता है कि उनके बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो। उन पर कभी कोई मुसीबत न आये, उन्हें कभी कोई परेशानी न हो।

पुलिस की कड़ी तैयारी, टकराव की आशंका

सुभाष महतो ने जंतर-मंतर पर टकराव की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह का माहौल है, उससे स्पष्ट है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सख्ती हो सकती है। लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले या पानी की बौछार जैसी कार्रवाई में निर्दोष बच्चों के भी फंसने का डर है। दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले व्यापक तैयारी की है, जिसमें 20 हजार पुलिसकर्मी, 300 सीसीटीवी कैमरे और 12 डिटेंशन सेंटर शामिल हैं। करोल बाग, राजीव चौक समेत 57 मेट्रो स्टेशन भी शुक्रवार रात 9 बजे से बंद करने की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें:  मुजफ्फरपुर में ताड़ी उतारने गए शख्स की पेड़ पर ही मौत, घंटों बाद ऐसे मिला शव, वजह पर गहराया रहस्य

यह स्थिति बिहार-झारखंड के उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है, जो दिल्ली में अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके माता-पिता उनके बेहतर भविष्य के लिए चिंतित हैं, जबकि छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने को प्रतिबद्ध दिख रहे हैं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga Gas Leak दरभंगा में गैस रिफिलिंग बनी मौत का खेल! सिगरेट से भड़की आग, 2 बुरी तरह झुलसे

Darbhanga Gas Leak: दरभंगा के बिरौल में अवैध गैस रिफिलिंग के दौरान भीषण आग लगने से दो लोग बुरी तरह झुलस गए। एक घायल की हालत गंभीर है, जिसका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। #DarbhangaNews,#GasLeak,#BiharSafety

Darbhanga Crime दरभंगा में खौफनाक वारदात! अकेली महिला को घर में चाकू से गोदकर हत्या, क्या बैंक से निकले रुपए बने मौत का कारण?

Bihar Crime News: दरभंगा के सहसराम गांव में एक अकेली महिला की घर में घुसकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस को लूट के इरादे से हत्या की आशंका है, क्योंकि महिला ने घटना वाले दि #DarbhangaCrime,#BiharNews,#MurderMystery

Darbhanga Crime दरभंगा में बड़े अंतरराष्ट्रीय बाइक चोर गिरोह का सनसनीखेज खुलासा: नेपाल तक फैला है नेटवर्क ! मिलीं 4 चोरी की बाइक

Bihar Bike Theft: दरभंगा में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बेला पेट्रोल पंप के पास से नेपाल के दो नाबालिगों को चार चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया #BiharCrime,#DarbhangaNews,#BikeTheft

Bihar MLC Election चुनाव के अतरंगी कलर ! ललन सिंह अब अनंत सिंह के ‘संकटमोचक’, कभी थे कट्टर विरोधी; ऐसे बदली बिहार की सियासत...

Bihar MLC Election: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मोकामा विधायक अनंत सिंह के रिश्तों में नाटकीय बदलाव आया है। 2019 में सियासी टक्कर के बाद, 2024-25 में वे साथ आए। अब 2026 बिहार MLC च #BiharMLCElection,#LalanSingh,#AnantSingh