Bihar Rail Project: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। जमुई जिले में बहुप्रतीक्षित झाझा-बटिया रेल लाइन के निर्माण की तैयारी अब अंतिम चरण में है। इस 20 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन पर लगभग 496.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार आएगी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो वित्तीय वर्ष 2027-28 में ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि आसपास के जिलों और झारखंड तक पहुंचने में भी आसानी होगी। जिला प्रशासन ने रेलवे को जमीन अधिग्रहण से संबंधित विस्तृत ब्योरा और अनुमानित खर्च भेज दिया है, जिसके बाद अब रेलवे की मंजूरी का इंतजार है।
496 करोड़ का बजट, जमीन अधिग्रहण की तैयारी तेज
झाझा-बटिया रेल लाइन के निर्माण में कुल 496.37 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी बिहार रेल प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण चरण है। करीब 179.28 एकड़ रैयती जमीन के लिए 205 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जाएगा। इसके साथ ही, लगभग 179.28 एकड़ सरकारी जमीन को भी इस परियोजना के लिए चिन्हित कर लिया गया है। रेलवे से हरी झंडी मिलते ही जमीन मालिकों को मुआवजा देने और सरकारी जमीन का हस्तांतरण करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इस परियोजना की आधारशिला तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रखी थी, जिसके बाद अब जाकर इस पर वास्तविक काम शुरू होने की उम्मीद जगी है।
सोनो और बटिया में बनेंगे नए स्टेशन, 5 ओवरब्रिज का भी निर्माण
20 किलोमीटर लंबे इस रेल प्रोजेक्ट में कई महत्वपूर्ण ढांचागत विकास भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इस नई रेल लाइन पर दो नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। ये स्टेशन सोनो और बटिया में स्थापित होंगे, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 रेलवे ओवरब्रिज और 4 रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में लगभग 49 पुल-पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो पूरे मार्ग पर सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा।
जमुई सहित बांका, नवादा और झारखंड को मिलेगा सीधा लाभ
झाझा-बटिया रेल लाइन का निर्माण पूरा होने से जमुई जिले में रेल कनेक्टिविटी अभूतपूर्व रूप से मजबूत होगी। इसका सीधा फायदा जिले के उन इलाकों को मिलेगा जहां से जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, क्योंकि उन्हें बेहतर परिवहन विकल्प मिलेंगे। इसके साथ ही, यह परियोजना पड़ोसी जिलों जैसे बांका और नवादा के लिए भी यात्रा को आसान बना देगी। झारखंड राज्य तक पहुंच भी इस नई रेल लाइन के माध्यम से काफी सुगम हो जाएगी, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यह क्षेत्र के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







