Bihar Police: बिहार में अब अकेले या रात में सफर करने वाले लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। बिहार पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 112 इंडिया मोबाइल ऐप में एक नया ‘ट्रैक मी’ विकल्प जोड़ा है। इस सुविधा के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) यानी डायल 112 की पुलिस आपकी यात्रा पर लगातार नजर रखेगी।
यात्रियों के लिए यह सुविधा दीपावली से पहले शुरू होने की उम्मीद है, जिसका ट्रायल फिलहाल चल रहा है। इस नई पहल के तहत, पुलिस हर 15 मिनट पर यात्री से फोन कर उसकी कुशलता की जानकारी लेगी। यात्रा पूरी होने और यात्री के सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने तक यह निगरानी जारी रहेगी।
एक क्लिक पर सफर की पूरी जानकारी होगी दर्ज
‘ट्रैक मी’ विकल्प का उपयोग करने के लिए यात्री को ऐप पर अपनी यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें यात्रा शुरू करने का स्थान, गंतव्य, सफर का माध्यम और यात्रा का संभावित समय जैसी महत्वपूर्ण डिटेल्स देनी होंगी। इस जानकारी के आधार पर संबंधित मार्ग की सूचना डायल 112 की पुलिस को तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।
इसके साथ ही, यात्रा मार्ग में तैनात 112 वाहनों को भी पहले से सतर्क कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्री तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके। यह प्रणाली यात्रियों को मानसिक शांति प्रदान करेगी और किसी भी अनहोनी की आशंका को कम करेगी।
फोन नहीं उठाने पर तुरंत पहुंचेगी बिहार पुलिस
यात्रा के दौरान, डायल 112 की पुलिस हर 15 मिनट पर यात्री को फोन कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यदि यात्री फोन रिसीव नहीं करता है और कुछ समय तक उससे संपर्क नहीं हो पाता है, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। ऐसे में, पुलिस उसके मोबाइल की लोकेशन के आधार पर नजदीकी 112 वाहन को सूचना देगी।
इसके बाद संबंधित वाहन में तैनात पुलिसकर्मी यात्री की लोकेशन पर पहुंचकर स्थिति की जांच करेंगे और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास करेंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस को समय रहते सतर्क करना है, जिससे त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
महिलाओं को अभी मिल रही ऑफलाइन सुविधा
फिलहाल, सुरक्षित सफर की यह सुविधा महिलाओं को ऑफलाइन माध्यम से दी जा रही है। इसके लिए महिला यात्री को डायल 112 पर फोन करके अपनी यात्रा की पूरी जानकारी देनी पड़ती है। इसमें वह कहां से कहां तक जा रही हैं, किस माध्यम से यात्रा करेंगी और यात्रा का अनुमानित समय क्या है, यह सब बताना होता है। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस उनकी यात्रा के दौरान निगरानी और संपर्क बनाए रखती है। नए ऐप-आधारित फीचर से यह प्रक्रिया और भी सुगम और व्यापक हो जाएगी, जिससे अधिक से अधिक यात्री लाभान्वित हो सकेंगे।







