Bihar JDU: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बिहार में अपने अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने प्रदेश कमेटी के साथ ही 42 जिलों के लिए नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है। इस महत्वपूर्ण घोषणा से प्रदेश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
खगड़िया सदर से विधायक और प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने इस नई टीम का ऐलान किया। घोषित सूची में 47 प्रदेश उपाध्यक्ष, 99 प्रदेश महासचिव और 69 प्रदेश सचिव शामिल हैं। JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के निर्देश पर यह पुनर्गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और अतिपिछड़ा समाज के बीच पार्टी के जनसंपर्क को बढ़ाना है।
बबलू कुमार मंडल ने कहा कि नई कमेटी बनाते समय बिहार के अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। उनके मुताबिक, संगठन का उद्देश्य प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करना है। साथ ही अतिपिछड़ा समाज के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
JDU संगठन विस्तार पर जोर: नई टीम का लक्ष्य
JDU अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ की इस नई कमेटी में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश स्तर पर उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव के पदों पर नियुक्तियां हुई हैं। इसके साथ ही 42 जिलों के अध्यक्षों की सूची भी जारी की गई है। इस घोषणा के बाद प्रकोष्ठ के प्रदेश और जिला स्तर के संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाने का भार नए पदाधिकारियों पर होगा।
नई टीम को अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। पदाधिकारियों से लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने और संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई है। जिलाध्यक्षों की भूमिका इस काम में बेहद अहम मानी जा रही है। उन्हें अपने जिले में प्रकोष्ठ की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सीएम सम्राट चौधरी की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएगी नई टीम
बबलू कुमार मंडल ने पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने को कहा है। कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों से संवाद करना है। पार्टी की योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देने के साथ ही संगठन के विस्तार पर भी काम करने का निर्देश दिया गया है।
प्रदेश कमेटी में 99 महासचिव और 69 सचिव बनाए जाने से संगठन के विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियों का वितरण सुनिश्चित हुआ है। वहीं, 47 उपाध्यक्षों को भी प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इन नवनियुक्त कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर समन्वय की अपेक्षा है, ताकि अतिपिछड़ा समाज के बीच पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सके।








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