Bihar National Highways: पटना में बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 1,64,518 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि से 32 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। यह सभी परियोजनाएं वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत पूरी की जाएंगी, जिससे राज्य में कुल 2424 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और उन्नयन होगा। इस पहल से बिहार की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
कुल स्वीकृत परियोजनाओं में से 14 परियोजनाएं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा निष्पादित की जाएंगी। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 1685 किलोमीटर है और इन पर 1,39,578 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग और बिहार पथ निर्माण विभाग की देखरेख में 18 अन्य परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। इनकी कुल लंबाई 739 किलोमीटर होगी, जिस पर लगभग 24,940 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन प्रमुख सड़क परियोजनाओं से बदलेगी बिहार की तस्वीर
बिहार के लिए स्वीकृत इन परियोजनाओं में कई महत्वपूर्ण कॉरिडोर और सड़कें शामिल हैं, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेंगी। एनएचएआइ की प्रमुख परियोजनाओं में गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी सड़क कॉरिडोर, रक्सौल-हल्दिया सड़क कॉरिडोर, बक्सर-भागलपुर सड़क कॉरिडोर, मुजफ्फरपुर-बरौनी सड़क कॉरिडोर और छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर सड़क कॉरिडोर शामिल हैं। इन सबके साथ, राजधानी पटना के लिए बहुप्रतीक्षित पटना नॉर्दर्न रिंग रोड भी इस कार्ययोजना का एक अहम हिस्सा है। इन परियोजनाओं का मुख्य लक्ष्य राज्य के भीतर सड़क संपर्क को सुदृढ़ करना और प्रमुख शहरों व आर्थिक केंद्रों तक पहुंच को बेहतर बनाना है।
पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग की योजनाओं में एनएच-333ए का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रमुख है। इसके अलावा, दरभंगा-जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बरियारपुर-बिशनपुर और सीतामढ़ी-चिरौत सड़क खंड का विकास भी किया जाएगा। मसरख-चकिया-भीठा मोड़, छपवा-बेतिया तथा नौबतपुर-अरवल-औरंगाबाद-हरिहरगंज खंड पर चार लेन सड़क परियोजनाओं को भी इस वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया गया है।
शहरों को मिलेगा बाईपास, बनेंगे नए पुल और आरओबी
यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई शहरों में बाईपास निर्माण की योजनाएं भी स्वीकृत की गई हैं। जयनगर के उत्तर और दक्षिण बाईपास के साथ कमला नदी पर एक नए पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, समस्तीपुर, सिंघेश्वर, मधेपुरा और डुमरांव में बाईपास बनाए जाएंगे, जिससे शहरी यातायात को बड़ी राहत मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग 120 और राष्ट्रीय राजमार्ग 727 पर विभिन्न स्थानों पर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण से संबंधित परियोजनाएं भी इस पैकेज का हिस्सा हैं, जो क्रॉसिंग पर लगने वाले समय को कम करेंगी।
सड़क संपर्क मजबूत होगा, अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति: अधिकारी
इन विशाल परियोजनाओं को लेकर नई दिल्ली में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में बिहार पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित मंत्रालय, एनएचएआइ और पथ निर्माण विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में ही इन परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति दी गई।
बिहार पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने इस संबंध में कहा, ‘इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से बिहार में सड़क संपर्क मजबूत होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से आवागमन और माल परिवहन को सुविधा मिलेगी और औद्योगिक गतिविधियों और राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।’
इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे न केवल लोगों का जीवन आसान होगा बल्कि राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।







