Jamui Murder: बिहार के जमुई जिले में अंधविश्वास का एक और खौफनाक चेहरा सामने आया है। टाउन थाना क्षेत्र के अमरथ गांव स्थित बेलदरिया मुसहरी में एक बच्चे की मौत के बाद 45 वर्षीय महिला रूपा मांझी को डायन बताकर बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस को झाड़ी में महिला का अर्धनग्न शव मिला, जिसके बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। यह जघन्य अपराध समाज में गहरे पैठे अंधविश्वास की भयावहता को उजागर करता है, जहां बेगुनाह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
अंधविश्वास की भेंट चढ़ी रूपा मांझी
रूपा मांझी की हत्या का आरोप उन लोगों पर है जिन्होंने बच्चे की मौत के बाद उसे डायन घोषित कर दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, अंधविश्वास के चलते ग्रामीण अक्सर ऐसे मामलों में किसी को भी निशाना बना लेते हैं। इस वारदात ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों की तलाश में जुट गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि महिला की मौत पीट-पीटकर हुई है और इसके पीछे डायन होने का आरोप ही मुख्य वजह है।
बेलदरिया मुसहरी में मिली अर्धनग्न लाश
अमरथ गांव के बेलदरिया मुसहरी इलाके में रूपा मांझी का अर्धनग्न शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इस मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। जमुई पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस अमानवीय कृत्य के अपराधियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
यह घटना बिहार में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल देती है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन को ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और जागरूकता फैलाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।







