Bihar Ravan Dahan: आज बिहार की राजधानी पटना में विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस बार रावण का पुतला 90 फीट ऊंचा बनाया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 फीट अधिक है। लाखों श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गई है।
श्री दशहरा कमेटी ट्रस्ट लगातार 71वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन कर रहा है। रावण के साथ मेघनाद का 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा पुतला भी तैयार है। इन पुतलों को साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम के आकर्षक परिधानों से सजाया गया है, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होंगे।
रावण दहन में दिखेंगे खास इफेक्ट्स और लंका दहन
गांधी मैदान में होने वाले इस रावण दहन में कई विशेष प्रभाव देखने को मिलेंगे। दहन के दौरान रावण की आंखों से अंगारे, मुंह से शोले और कानों-कंधों से रंगीन धुआं निकलेगा, जो एक अद्भुत दृश्य पैदा करेगा। इसके साथ ही, इको-फ्रेंडली आतिशबाजी और लाइट-साउंड इफेक्ट्स के साथ लंका दहन की भी प्रस्तुति की जाएगी, जिससे पूरा मैदान जगमगा उठेगा।
गांधी मैदान में विजयादशमी के अवसर पर होने वाले रावण दहन कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दर्शकों से अनुरोध है कि वे शाम 4 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लें ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
महिलाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए मैदान के अंदर दो अलग महिला दीर्घाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने सभी दर्शकों से शाम 4 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लेने का अनुरोध किया है। कार्यक्रम शाम 4 बजे से शुरू होकर लगभग 5:45 बजे तक चलने की संभावना है, जिसमें भव्यता और सुरक्षा दोनों का पूरा ध्यान रखा गया है।
वाहन प्रतिबंध और शोभायात्रा का रूट
दोपहर 2 बजे नागाबाबा ठाकुरबाड़ी से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकलेगी, जो शाम 4 बजे तक गांधी मैदान पहुंचेगी। इस दौरान यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सुबह 11 बजे से गांधी मैदान की ओर वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गई है। भट्टाचार्य चौराहे, डाकबंगला चौराहे और अन्य कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, आपातकालीन वाहनों और पासधारकों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और भीड़भाड़ से बचें ताकि यह ऐतिहासिक पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।







