Bihar JDU Conflict: जेडीयू में एक बड़े सियासी घमासान का आगाज हो गया है। पार्टी से निष्कासित पूर्व नेता छोटू सिंह ने बिहार के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को छोटू सिंह ने दावा किया कि संजय झा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की कुर्सी पर नजर गड़ाए हुए हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
संजय झा पर गंभीर आरोप: ललन सिंह की जगह चाहते हैं कैबिनेट मंत्री पद
छोटू सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि संजय झा जेडीयू को लगातार कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि झा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनने के लिए प्रयासरत हैं। छोटू सिंह के मुताबिक, संजय झा की निगाहें मोदी कैबिनेट में जेडीयू कोटे से मंत्री ललन सिंह के पद पर टिकी हैं। उन्होंने संजय झा की राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने दम पर कभी कोई चुनाव नहीं जीत पाए हैं।
“नीतीश कुमार को हटाने की कोशिश की, सीएम सम्राट चौधरी को भी अस्थिर कर रहे”
पूर्व नेता छोटू सिंह ने दावा किया कि संजय झा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी हराने और उन्हें पद से हटाने के लिए प्रयास किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि संजय झा पहले पार्टी से दूर चले गए थे और बाद में वापस लौटे। छोटू सिंह ने चेतावनी दी कि यदि नीतीश कुमार का आशीर्वाद संजय झा के ऊपर से हट गया, तो उनकी राजनीतिक हैसियत कुछ भी नहीं रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय झा और उनके चार-पांच करीबी नेता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को स्थिर नहीं रहने देना चाहते, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो रही है।
छोटू सिंह का निष्कासन और उनके राजनीतिक संबंध
छोटू सिंह को जुलाई 2026 में जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। उस समय प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने यह कार्रवाई की थी। सूत्रों के अनुसार, छोटू सिंह प्रदेश कार्यकारिणी में जगह न मिलने से नाराज थे और इसी दौरान उनकी संजय झा से तीखी बहस भी हुई थी। छोटू सिंह को बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी का करीबी माना जाता है। उनके निष्कासन पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। छोटू सिंह जेडीयू की प्रदेश कार्यकारिणी में रह चुके हैं और पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव भी बनाया था।
इन आरोपों के बाद जेडीयू के भीतर की खींचतान एक बार फिर सतह पर आ गई है। छोटू सिंह के बयानों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच आंतरिक कलह और महत्वाकांक्षाओं को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब देखना होगा कि पार्टी इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और इसका राजनीतिक गलियारों में क्या असर पड़ता है।







