LNMU PAT-2024: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा में PAT-2024 के सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार और नामांकन प्रक्रिया में लंबे समय से हो रही देरी पर छात्र नेता प्रिंस राज ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कुलाधिपति और लोकभवन, पटना को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर ठोस निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि में कोई समाधान नहीं निकलता है, तो हजारों प्रभावित छात्रों को संगठित कर व्यापक छात्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
प्रिंस राज ने कहा कि PAT-2024 की प्रक्रिया शुरू हुए लगभग एक वर्ष बीतने को है, लेकिन परीक्षा में सफल हजारों अभ्यर्थियों का पीएचडी में नामांकन अब तक सुनिश्चित नहीं हो सका है। कठिन परिश्रम, समय और आर्थिक संसाधन खर्च कर सफलता पाने वाले इन छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भविष्य प्रशासनिक अनिश्चितता के भंवर में फंसा हुआ है।
15 दिन में फैसला नहीं तो होगा व्यापक छात्र आंदोलन
छात्र नेता प्रिंस राज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की आकांक्षा रखने वाले युवाओं को इस तरह लंबे समय तक इंतजार करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की है कि अगले 15 दिनों के भीतर PAT-2024 के मामले में ठोस निर्णय लेते हुए साक्षात्कार एवं नामांकन की प्रक्रिया शुरू कराने की समयबद्ध घोषणा की जाए।
‘यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो प्रभावित अभ्यर्थियों को संगठित कर व्यापक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।’
विश्वविद्यालय और लोकभवन के बीच चल रही प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता समझते हुए तत्काल पहल करनी चाहिए।
कुलाधिपति के निर्देश के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं
प्रिंस राज ने 28 सितंबर 2026 को लोकभवन में हुई एक बैठक का हवाला दिया। उस बैठक में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में पीएचडी सीटों और शोध पर्यवेक्षण क्षमता का ऑडिट कराकर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी अभ्यर्थियों को न तो ऑडिट रिपोर्ट की स्थिति की जानकारी मिल रही है और न ही साक्षात्कार एवं नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की कोई निश्चित तिथि बताई जा रही है।
छात्र नेता ने कहा कि जब कुलाधिपति के स्तर से समयबद्ध निर्देश दिए गए थे, तो उसके अनुपालन में इतनी देरी क्यों हो रही है? संबंधित अधिकारियों को ऑडिट की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए और रिपोर्ट के आधार पर अविलंब निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि छात्र समुदाय विश्वविद्यालय के नियमों, यूजीसी के निर्धारित मानकों और शोध पर्यवेक्षण क्षमता के नियमानुसार आकलन के पक्ष में है, लेकिन प्रक्रियाओं को अनिश्चितकाल तक लंबित रखकर सफल अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डालना उचित नहीं है।
हजारों छात्रों का भविष्य अधर में, अब और नहीं इंतजार
प्रिंस राज ने साफ किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना होना चाहिए, न कि उन्हें वर्षों तक इंतजार करने के लिए मजबूर करना। इसलिए ऑडिट और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर PAT-2024 के सफल अभ्यर्थियों के हित में तत्काल निर्णय लेना आवश्यक है।
छात्र समुदाय अब और अधिक अनिश्चितता बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। प्रिंस राज ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर PAT-2024 पर ठोस निर्णय नहीं होता, तो सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को एकजुट कर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी लोकभवन, विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित निर्णय लेने वाले अधिकारियों की होगी।






