Darbhanga Traffic Jam: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार के दरभंगा शहर का दोनार चौक भीषण जाम की चपेट में है। एक बड़े ट्रक के बीच सड़क में खराब हो जाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। घंटों से लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन दो थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके से नदारद दिख रही है। इस अव्यवस्था के कारण खासकर स्कूली बच्चों और आम यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
दोनार चौक पर स्थिति इतनी गंभीर है कि केवल दो सिपाही ड्यूटी पर तैनात हैं, जबकि दो थानों (कोतवाली और बेंता) की जिम्मेदारी होने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने खराब ट्रक को हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। वाहन चालक और स्थानीय लोग अपनी गाड़ियों को जैसे-तैसे निकाल कर आगे बढ़ने को मजबूर हैं।
DM-SSP के निर्देशों की अनदेखी, अवैध बसों का कब्जा
शहर में जाम की एक बड़ी वजह होली क्रॉस स्कूल से लेकर दोनार चौक तक सड़क किनारे खड़ी प्राइवेट बसें भी हैं। यह स्थिति तब है, जब जिला पदाधिकारी और एसएसपी ने कई बार स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बसों का प्रवेश दोनार चौक से होकर शहर में नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद पुलिसकर्मी इस पर मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक थाना में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक तैनात हैं, और बिहार सरकार ने ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु करने के लिए ट्रैफिक डीएसपी को भी पदस्थापित किया है, लेकिन वे सड़कों पर शायद ही कभी दिखाई देते हैं।
लोगों का मानना है कि यदि ट्रैफिक डीएसपी नियमित रूप से सड़कों पर होते, तो शायद इतनी लंबी जाम की समस्या उत्पन्न ही नहीं होती। हालांकि, दरभंगा के तेज तर्रार एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी को जब भी किसी समस्या की जानकारी मिलती है, वे व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर उसका त्वरित समाधान करवाते हैं। यदि उनके अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी भी उनकी कार्यशैली का पालन करें, तो शहर की कई समस्याएं स्वतः ही हल हो जाएं।
चालान के बजाय ‘समझौता’, बच्चों पर आफत
ट्रैफिक थानाध्यक्ष चन्द्रोदय प्रकाश ने अवैध रूप से शहर में खड़ी बसों का चालान काटने के लिए दरोगा रोशन कुमार को भेजा था। लेकिन, रोशन कुमार ने चालान नहीं काटा। उन्होंने निजी बस के स्टाफ से बातचीत की और वापस लौट गए। बस स्टाफ ने उनसे चालान न काटने और बस को जाम से निकालने का अनुरोध किया था।
एक दिन पहले ही ट्रैफिक डीएसपी ने ट्रैफिक पोस्ट पर सभी पुलिसकर्मियों को जाम की समस्या के समाधान के तरीके बताए थे। लेकिन, अगले ही दिन दोनार चौक पर इतना लंबा जाम लग जाना, इन निर्देशों की प्रभावहीनता को दर्शाता है। यदि सड़क किनारे बसें नहीं खड़ी होतीं, तो छोटी गाड़ियों को आसानी से निकाला जा सकता था। शहर में एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य भी चल रहा है, जिसमें बड़े-बड़े डंपर लगे हुए हैं। यदि पुलिस प्रशासन इन डंपरों की मदद से खराब ट्रक को हटाने का अनुरोध करती, तो शायद अब तक समस्या हल हो गई होती। जब स्कूल की छुट्टी होगी, तो स्कूली बच्चे भी इस भीषण जाम में फंसेंगे, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी।
आगे क्या?
दरभंगा में लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की निष्क्रियता पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल ध्यान देना होगा। दोनार चौक जैसी संवेदनशील जगहों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकती है, ताकि आम जनता और स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।

















