सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करूंगा | भड़के अनंत सिंह! बोले- नीरज ने दुलारचंद को मरवाया | अब ‘नीतीश कुमार और ललन सिंह से कभी नहीं मिलेंगे’
Bihar Anant Singh: छोटे सरकार ने 1 दिसंबर को सरेंडर का ऐलान किया। उन्होंने नीरज कुमार पर दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप लगाया और कहा कि अब न नीतीश से मिलेंगे, न ललन सिंह से।
सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करूंगा | भड़के अनंत सिंह! बोले- नीरज ने दुलारचंद को मरवाया | अब ‘नीतीश कुमार और ललन सिंह से कभी नहीं मिलेंगे’
Bihar Anant Singh: सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। इस दौरान ‘छोटे सरकार’ ने पूर्व मंत्री नीरज कुमार पर दुलारचंद यादव की हत्या करवाने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह पर भी जमकर निशाना साधा, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मैं सरेंडर करूंगा। कोर्ट का फैसला मेरे लिए मान्य है…कोर्ट मुझे फिर से बेल देगा, मुझे न्यायालय पर भरोसा है…”
अनंत सिंह ने पूर्व मंत्री नीरज कुमार को सीधे तौर पर दुलारचंद यादव की हत्या का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दुलारचंद यादव की हत्या नीरज कुमार ने ही करवाई थी। बाहुबली विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ जितने भी मामले दर्ज हुए हैं, वे सब नीरज कुमार के इशारे पर हुए हैं। अनंत सिंह ने खुद को फंसाए जाने की बात कहते हुए कहा कि उनके खिलाफ सारे केस नीरज कुमार ने ही करवाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने जो कहा, सरकार और पार्टी ने वही किया।
अनंत सिंह ने कहा, ‘मुझे फंसाया गया है, मेरे खिलाफ सारे केस नीरज कुमार ने करवाए हैं। दुलारचंद यादव की हत्या नीरज कुमार ने करवाई।’
नीतीश कुमार और ललन सिंह पर तीखा हमला
अनंत सिंह ने राजनीतिक नेतृत्व पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार ठीक रहते तो ऐसा कुछ भी नहीं होता। उन्होंने सीधे तौर पर मौजूदा राजनीतिक हालात के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ‘नीतीश कुमार के गड़बड़ाने के बाद ही यह सब हुआ है।’ भविष्य की राजनीति पर बोलते हुए अनंत सिंह ने ऐलान किया कि वे अब न तो नीतीश कुमार से मिलेंगे और न ही ललन सिंह से। उन्होंने जेडीयू के भविष्य को लेकर भी आशंका जताई और कहा कि ‘पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल होगा।’
अपने बेटे के चुनाव लड़ने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि बेटा चुनाव लड़े, लेकिन अब यह उसकी मर्जी पर निर्भर करता है। न्यायालय पर अपने पूरे भरोसे की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट से बेल मिलने की उम्मीद है। अनंत सिंह ने अपने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘मेरे साथ जिसने जुल्म किया, भगवान उसे दिखाएगा।’
अनंत सिंह की बढ़ी टेंशन! अब 1 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर, क्या है पूरा मामला?
Bihar Anant Singh: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने ‘छोटे सरकार’ को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश दुलारचंद यादव के परिजनों की उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने पटना हाईकोर्ट द्वारा अनंत सिंह को दी गई जमानत को चुनौती दी थी। इस ताजा फैसले के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मोकामा में मतदान से ठीक छह दिन पहले जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने पुलिस को आवेदन दिया था। नीरज कुमार ने अपनी शिकायत में अनंत सिंह, उनके दो भतीजे रणवीर सिंह और कर्मवीर सिंह सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि पहले दुलारचंद यादव को गोली मारी गई और फिर उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी गई। इस हत्याकांड के बाद अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। अब इसी जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर शीर्ष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के बीच क्यों हुई अदावत?
अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के बीच की अदावत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के समय मोकामा की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई थी। दुलारचंद यादव उस वक्त जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस दौरान वह लगातार अनंत सिंह के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान दोनों के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर तल्खी बढ़ती चली गई। दुलारचंद यादव की ओर से अनंत सिंह पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों ने विवाद को और गहरा कर दिया था। इसके अलावा, टाल क्षेत्र में दुलारचंद यादव का अपना राजनीतिक प्रभाव भी था, जिसके पीछे उनके पुराने आपराधिक इतिहास को भी एक बड़ी वजह माना जाता रहा है। वर्ष 2019 में पटना पुलिस ने दुलारचंद यादव को ‘कुख्यात अपराधी’ बताते हुए गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ पटना जिले के घोषवरी और बाढ़ थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
दुलारचंद यादव का जन्म मोकामा के तारतर गांव में हुआ था और दुखद रूप से इसी गांव में उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से वे बाढ़ में रह रहे थे। विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार के लिए वे तारतर गांव पहुंचे थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दुलारचंद यादव के खिलाफ पटना जिले के घोषवरी और बाढ़ थानों में कई मामले दर्ज थे। टाल क्षेत्र में उनकी पहचान एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में थी। 1980 और 1990 के दशक में इलाके की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में उनका खासा प्रभाव बताया जाता था। चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के कई बड़े नेता भी स्थानीय समीकरणों को साधने के लिए उनसे संपर्क करते थे।
दुलारचंद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एक समय वे लालू प्रसाद के काफी करीब माने जाते थे और 90 के दशक में उनकी सभाओं में मंच भी साझा करते थे। हालांकि, बाद में उनके लालू प्रसाद से मतभेद हो गए। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अनंत सिंह का साथ छोड़कर जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन करना शुरू कर दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर अनंत सिंह के खिलाफ उनकी बयानबाजी तेज हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अनंत सिंह की कानूनी लड़ाई और जटिल हो गई है। अब देखना होगा कि 1 दिसंबर से पहले ‘छोटे सरकार’ क्या कानूनी कदम उठाते हैं और इस घटनाक्रम का बिहार की सियासत पर क्या असर पड़ता है।