Bihar Food Safety: आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार खाद्य संरक्षा विभाग ने राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पटना में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कई खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापामारी की गई।
इस अभियान के तहत बिना लाइसेंस संचालित पवन मिष्ठान से ₹23 लाख से अधिक की मिठाइयां जब्त की गईं और एक अन्य दुकान को बंद करने का आदेश दिया गया। यह कार्रवाई उन सभी खाद्य कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और खाद्य सामग्री के भंडारण व पैकेजिंग में गंभीर अनियमितताएं पाईं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पवन मिष्ठान पर बड़ी कार्रवाई: 21 हजार किलो से ज्यादा मिठाई जब्त
पटना के बड़ी पहाड़ी, अगमकुआं के समीप संचालित पवन मिष्ठान पर 3 नवंबर 2026 को खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। इस दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि यह दुकान बिना किसी वैध लाइसेंस या पंजीकरण के मिठाइयों का निर्माण कर रही थी। खाद्य संरक्षा पदाधिकारी की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में मिठाइयां जब्त की गईं।
- पेड़ा: लगभग 4,700 किलोग्राम
- मिल्क केक: 12,000 किलोग्राम से ज्यादा
- लड्डू: 4,144 किलोग्राम
जब्त की गई कुल मिठाइयों का वजन लगभग 21,339 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 23,13,820 रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के दौरान 166 किलोग्राम रद्दी मिठाई का टुकड़ा और 150 किलोग्राम मिल्क घोल सहित कुल 316 किलोग्राम खाद्य सामग्री को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
कर्मचारियों के स्वास्थ्य से लेकर पैकेजिंग तक में गंभीर लापरवाही
पवन मिष्ठान के निरीक्षण में साफ-सफाई की स्थिति बेहद असंतोषजनक मिली। कर्मचारियों के पास आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र नहीं थे। खाद्य सामग्री के भंडारण में भी गंभीर कमियां पाई गईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उत्पादों की पैकेजिंग पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और बैच संख्या जैसी अनिवार्य जानकारियां अंकित नहीं थीं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जब्त खाद्य सामग्री के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सुधार नोटिस और सीलिंग: अन्य प्रतिष्ठानों पर भी गाज
खाद्य संरक्षा विभाग ने सिर्फ पवन मिष्ठान पर ही नहीं, बल्कि पटना के अन्य कई प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की।
- सागर स्वीट्स एंड बेकरी (आलमगंज, गांधी सेतु रोड, बजरंगपुरी, गुलजारबाग): निरीक्षण में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों और कीट नियंत्रण व्यवस्था में कई कमियां पाई गईं। सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, कीट नियंत्रण संबंधी प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक अभिलेखों के रखरखाव को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं। इन गंभीर अनियमितताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है। संचालक को 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर कर अनुपालन प्रमाण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
- अनित केक बेकरी (शिवनगर, जकरियापुर, कृष्ण निकेतन): यहां भी कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं पाए गए। विभाग ने धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
- संजय मिठाई घर (भूतनाथ, बहादुरपुर): इस प्रतिष्ठान के निरीक्षण में 30 पैकेट मेटालिन येलो और 3 पैकेट हाइड्रो पाए गए, जिन्हें तुरंत नष्ट कर दिया गया। प्रतिष्ठान से बेसन लड्डू का नमूना लेकर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। सबसे बड़ी बात यह कि संजय मिठाई घर के पास वैध खाद्य लाइसेंस से संबंधित कोई अभिलेख नहीं था, जिसके चलते इसे बंद करने का आदेश दिया गया है। नमूना रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विभाग की चेतावनी: जारी रहेगी सख्ती, गुणवत्ता से समझौता नहीं
खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा सुरक्षित भंडारण के निर्धारित मानकों का पालन सभी खाद्य कारोबारियों के लिए अनिवार्य है। खाद्य प्रतिष्ठानों को वैध लाइसेंस अथवा पंजीकरण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, कीट नियंत्रण संबंधी अभिलेख तथा परिसर में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाएगी। निर्धारित समय-सीमा में सुधार नहीं करने तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा खाद्य कारोबारियों के बीच खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता और अनुपालन सुनिश्चित करना है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि जो प्रतिष्ठान तय समय-सीमा में सुधार नहीं करेंगे या नियमों का उल्लंघन जारी रखेंगे, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान बिहार के नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








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