Bihar Census: बिहार में बिहार जनगणना 2027 का दूसरा चरण 10 जनवरी से आरंभ हो रहा है। इस बार जनगणना के तरीके में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। यह सुविधा 10 जनवरी से 24 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर लोगों के आंकड़े इकट्ठा करेंगे और उनका सत्यापन करेंगे।

पहले चरण में मकानों की सूची बनाने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। अब व्यक्ति गणना का काम किया जाएगा, जिसमें हर नागरिक से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया राज्य के विकास और योजनाओं के लिए अहम साबित होगी।
प्रवास से जुड़े सवालों पर रहेगा खास जोर
इस बार की जनगणना में लोगों के प्रवास से जुड़े सवालों को विशेष महत्व दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति पढ़ाई, नौकरी, शादी या पूरे परिवार के स्थानांतरण के कारण किसी दूसरे शहर में स्थायी रूप से बस गया है, तो उसे प्रवासी माना जाएगा। ऐसे मामलों में, उसके नए शहर को अंतिम निवास स्थान के रूप में दर्ज किया जाएगा।
हालांकि, पर्यटन, तीर्थयात्रा, रिश्तेदारों से मिलने या इलाज जैसी अस्थायी गतिविधियों के लिए कुछ समय दूसरे शहर में रहने को प्रवास नहीं माना जाएगा। यह स्पष्टीकरण यह सुनिश्चित करेगा कि सही आबादी का आकलन हो सके।
बेघर लोगों की गणना और आंकड़ों का पुनरीक्षण
राज्य में बेघर लोगों की गणना के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 28 फरवरी को शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक चलेगा। इस कार्य के लिए प्रखंड और नगर निकाय के अधिकारी पहले से ही बेघर लोगों के रहने वाले स्थानों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद, 1 मार्च से 5 मार्च तक जनगणना के सभी आंकड़ों का गहन पुनरीक्षण किया जाएगा, ताकि कोई त्रुटि न रहे।
नागरिकों से पूछे जाएंगे 40 महत्वपूर्ण सवाल
जनगणना 2027 के दौरान लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में व्यक्तिगत जानकारी से लेकर सामाजिक और आर्थिक स्थिति तक कई पहलू शामिल होंगे। इनमें नाम, पता, माता-पिता का विवरण, आयु, वैवाहिक स्थिति, जाति, धर्म, शिक्षा का स्तर, जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान और शहर बदलने का कारण जैसी मूलभूत जानकारी शामिल होगी।
इसके अतिरिक्त, कामकाज से जुड़ी जानकारी, व्यवसाय का प्रकार, निवास की स्थिति, बच्चों की संख्या, आधार विवरण, वोटर आईडी कार्ड नंबर, फोन नंबर और बैंक खाते का विवरण भी पूछा जाएगा। यह विस्तृत जानकारी सरकार को सटीक नीतियां बनाने में मदद करेगी।
जनगणना 2027 बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को समझने में मदद करेगी और भविष्य की योजनाओं का आधार बनेगी। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें।
जनगणना के आंकड़े बिहार के विकास की दिशा तय करने में सहायक होंगे और सरकार को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लक्षित समूहों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।






