Prashant Kishor: बिहार विधान परिषद में निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने वाले बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता पर तलवार लटक गई है। जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता खत्म होने से कोई नहीं बचा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर संवैधानिक कार्रवाई नहीं हुई, तो जन सुराज इस मामले को अदालत तक लेकर जाएगा।

‘बीजेपी सरकार भी नहीं बचा पाएगी’: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता समाप्त होना तय है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा की सरकार भी इन दोनों को नहीं बचा पाएगी। किशोर के अनुसार, निर्दलीय पार्षद के तौर पर जीतने के बाद किसी अन्य दल में शामिल होना एक ‘गैर-संवैधानिक’ कार्य है, जिस पर कार्रवाई होनी निश्चित है। उन्होंने कहा:
बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता खत्म होने से कोई नहीं बचा सकता है। बीजेपी की सरकार भी दोनों को बचा नहीं पाएगी। निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा ज्वाइन किया है लेकिन उनकी सदस्यता जानी तय है। आपने जो गलती की और गैर-संवैधानिक काम किया है। ऐसे में दोनों पर कार्रवाई तो होगी ही।
उप सभापति पर जताया भरोसा, नहीं तो जाएंगे कोर्ट
बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने जानकारी दी कि जन सुराज ने इस मामले में विधान परिषद के उप सभापति को याचिका सौंपी है। उन्होंने उप सभापति की विद्वत्ता और योग्यता पर पूरा विश्वास जताते हुए उम्मीद जताई कि वे न्याय करेंगे और संवैधानिक अवहेलना पर उचित कार्रवाई करेंगे। किशोर ने चेतावनी दी कि यदि संविधान के अनुसार निर्णय नहीं लिया गया, तो जन सुराज इस मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाने में संकोच नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘उप सभापति के फैसले का इंतजार है। संविधान के मुताबिक अगर निर्णय नहीं लिया गया तो हम कोर्ट तक जायेंगे।’
पंचायत चुनाव में उतरेगा जन सुराज
प्रशांत किशोर लगातार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। विधानसभा चुनाव, बांकीपुर उपचुनाव और बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद अब उन्होंने पंचायत चुनाव की भी तैयारी शुरू कर दी है। बेगूसराय में एक कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि जन सुराज पंचायत चुनावों में पूरी मजबूती से भाग लेगा। उनका मानना है कि जन सुराज के जितने अधिक प्रत्याशी जीतेंगे, जनता का पार्टी पर विश्वास उतना ही बढ़ेगा। साथ ही, अच्छे लोगों के चुनाव में आने से भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।






