बिहार में अब आंगनबाड़ी केंद्रों की आंगन एप से निगरानी शुरू (Monitoring started with Aangan App) हो गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नौनिहालों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास, गर्भवती महिलाओं के पोषण और अन्य कार्यों की निगरानी के लिए आईसीडीएस ने आंगन एप लांच किया है।
आईसीडीएस ने अत्याधुनिक तकनीकी का सहारा लेते हुए आंगन एप के द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी का कार्य शुरू कर दिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में केंद्र सरकार की महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी कई जनकल्याणकारी योजनाओं की लूटखसोट की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए अब आईसीडीएस ने यह एप लांच किया है।






इस एप से आंगनबाड़ी केंद्रों की सतत निगरानी की जाएगी जिससे महिलाओं और बच्चों को केंद्र से मिलने वाले सहायता का सीधा लाभ उनतक पहुंच सकेगा।
आईसीडीएस के निदेशक ने पत्र के माध्यम से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। बच्चों को दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए शुद्ध नल का जल उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए आईसीडीएस के निदशक ने कहा है कि आंगन एप के द्वारा मेन्यू के अनुसार पोषाहार वितरण और संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति की सीधी जानकारी वरीय अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
आंगन एप के माध्यम से सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिका बच्चों की उपस्थिति एवं संसाधनों की निगरानी कर सकेंगी और उसकी रिपोर्ट आईसीडीएस के वरीय अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगी।
आंगन एप पर आंगनबाड़ी सेविका एवं पर्यवेक्षिका को बच्चों की दैनिक उपस्थिति और मेन्यू के अनुसार पोषाहार वितरण की वास्तविक जानकारी उसी दिन फीड करनी होगी।इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों की उपलब्धता और बच्चों की उपस्थिति की सीधी जांच विभागीय स्तर पर आईसीडीएस के द्वारा की जा सकेगी।
आंगन एप के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के आंकड़े जैसे ही फीड होकर इंटरनेट के संपर्क में आएगा वैसे ही सभी सूचनाएं आईसीडीएस के सर्वर में प्रेषित हो जाएंगी।इससे सभी तरह की जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों तक मिल जाएगी।








