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जाले। हम सबसे पहले भारतीय हैं। हम अपना पौराणिक इतिहास को नहीं भूल सकते। हमारा कृषि प्रणाली दुनियां का सबसे पौराणिक है। हमरा कृषि तकनीक दुनिया को दिया है। आज दुनियां हॉर्स पावर वाला कृषि प्रणाली हमें बताया है, हमनें सैकड़ों वर्ष पूर्व हाल फाल कनैल से खेती कर आत्मनिर्भर देश को बनाया है।
यह बात कृषि विज्ञान केन्द्र जाले के परिसर में किसान मेला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री पद्मभूषण हुकुमदेव नारायण यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए (Pushpa Jha honored for excellent work) कही।
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किसान मेला के समापन समारोह को बुधवार को उन्नत कृषि तकनीक-खुशहाल किसान” विषय पर आयोजित दो दिवसीय किसान मेला का समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री सह पद्मभूषण हुक्मदेव नारायण यादव ने आगे उपस्थित किसानों को जलवायु अनुकूल उन्नत तकनीकी से खेती करने का सुझाव देते हुए, अपने खेतों में कम से कम मात्रा में यूरिया का उपयोग करने का सलाह दिया।
पूर्व मंत्री श्री यादव ने कहा कि इस युग में लोग श्रम करने वाले को नीच नजर से देखते है। जो बिल्कुल गलत है। जो श्रम करेगा,वही आगे निरन्तर बढ़ता रहेगा। बिना श्रम का विकास हो ही नही सकता है। आजकल किसान कहते हैं कि खेती के लिए मजदूर नही मिलता है। यह बात निश्चित है कि हम सभी मजदूर ही है और आप भी मजदूर हैं। उन्होंने उपस्थित किसानों से स्वयं श्रम करने का सुझाव दिया। तभी आपकी आमदनी दुगुनी हो सकती है।
उन्होंने किसानों को अपने खेतों में कम से कम मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आप जब यूरिया को अपने खेतों में डालते है, तो उसका 60% भाग बेकार हो जाता है एवं पानी को जहरीला बना देता है।
इससे पूर्व जोगियारा के भोला प्रसाद सिंह, किशोर कुमार सिंह आदि किसानों ने मंत्री श्री यादव को किसान रजिस्ट्रेशन व खेती अनुदान नही मिलने सहित खेती से सम्बंधित अन्य समस्याओं से अवगत कराया। इसका जबाब देते हुए मंत्री ने कहा कि आप सिस्टम से चलिए,आपके समस्या का हल होना तय है। मेले के सफल आयोजन को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केविके के अध्यक्ष वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ दिव्यांशु शेखर को धन्यवाद दिया। उन्होंने उपस्थित किसानों से कदम से कदम मिलाकर सब का साथ ,सब का विश्वास व सब का प्रयास के तर्ज पर निरंतर आगे बढ़ने का आग्रह किया। इससे पूर्व मंत्री श्री यादव ने परिसर में लगे सभी प्रकार के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम को जिला कृषि पदाधिकारी दरभंगा राधारमण, वरीय वैज्ञानिक पशु संसाधन मोतिहारी डॉ.कृष्ण मोहन, वैज्ञानिक पशुधन संसाधन इकाई पूसा के डॉ प्रमोद, वैज्ञानिक कृषि अभियांत्रिकी अंजली सुधाकर गृह वैज्ञानिक पूजा कुमारी गौतम कुणाल पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय मोतिहारी के सहायक प्रध्यापक डॉ.आरपी प्रसाद एवं डॉ. एपी राकेश आदि ने उपस्थित किसानों को उन्नत खेती के आधुनिक तरीके बताए।
उत्कृष्ट किसान जिन्होंने मेला में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन किसानों को कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पद्मभूषण हुकुमदेव यादव ने मिथिला पाग चादर एवम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालो में अभिनव किसान से सम्मानित धीरेंद्र कुमार सिंह एवम मो. फैयाज,मखाना एवम काला गेंहू के लिए,
बकरी पालन के लिए निरंजन चौधरी पुष्पा झा एवम प्रतिभा झा मशरूम उत्पादन के लिए।अन्य इक्यारह किसानों को उत्कृत कृषि कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
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