संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख। पटना में तीन संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद दरभंगा का नाम भी सुर्खियों में आ गया हैं !पटना में पकड़े गये संदिग्धों ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया हैं कि उनके साथ दरभंगा के तीन सहयोगी हैं।
इस खुलासे के बाद दरभंगा एसएसपी अवकाश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुये इनकी गिरफ्तारी के लिये जाल बिछा दिया हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी अवकाश कुमार ने कहा कि कि जिन तीन सदस्यों का नाम सामने आया हैं वे सभी पीएफआई से जुड़े हैं इनकी तालाश की जा रही हैं।






पुलिस के सामने यह भी बात सामने आई हैं कि पूर्व में सिमी से जुड़े लोग अब पीएफआई से जुड़ गये हैं। इनकी मंशा देश विरोधी गतिविधि को लेकर हैं।
इससे पहले कल ही आपको देशज टाइम्स ने बताया था कि मिथिलांचल के इलाकों में देश की सबसे बड़ी एजेंसी एन आई ए की टीम दस्तक दे सकती हैं। यही नहीं कई लोंगों को संदिग्ध गतिविधि को लेकर उठा सकती है। फिलहाल सूत्र बताते हैं कि तीन लोगों के नाम एनआईए के रडार पर है। कभी भी किसी वक्त भी पुलिस इन्हें उठा सकती हैं।
वजह यह हैं कि कुछ दशक पहले इन इलाकों से कई कथित आतंकी को एन आई ए की टीम उठाकर ले जा चुकी हैं !सबसे बड़ी बात यह हैं कि इन्हीं इलाकों से पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुई बम धमाकों का मास्टरमाइंड निकला था वह कहीं और का नहीं समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र का था !उसका नाम था तहसीन उर्फ मोनू।
यही नहीं देश के चर्चित आतंकी यासीन भटकल का शरणस्थली भी दरभंगा क्षेत्र रहा !एनआईए की दबिश के कारण यह सकरी, पन्डोल आदि में भी रहा। एनआईए की टीम वहां भी पहुंची कुछ लोंगों को गिरफ्तार भी किया लेकिन तबतक नेपाल के क्षेत्र में वह भाग गया था। लेकिन काफी मशक्कत के बाद एनआईए की टीम को भटकल हाथ लग ही गया !
भटकल की चर्चाएं जब जब होती हैं तो लोंगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं !विश्वस्त सूत्र का कहना हैं कि उस वक्त इस इलाके में कई ऐसे लोग थे जो भटकल के मददगार थे।
अब पटना में तीन संदिग्ध आतंकियों के गिरफ्तार होने के बाद चर्चा में बात सामने आ रही हैं कि मिथिलांचल का इलाका एनआईए के रडार पर हैं। चर्चा यह भी हैं कि बहुत जल्द ही एनआईए की टीम दरभंगा में भी दस्तक दे सकती हैं !हालांकि इस मामले में स्थानीय पुलिस को कोई विस्तृत जानकारी नहीं हैं।








