मधवापुर, देशज टाइम्स मधुबनी। इंडो -नेपाल सीमा पर अवस्थित मधवापुर में कस्टम कार्यालय खोलने सहित सात सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया।
एमएसयू के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र रमण की अध्यक्षता एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव गणेश साह के संचालन में आयोजित धरना सभा को संबोधित करते हुए मिथिलावादी नेता अविनाश भारद्वाज ने कहा कि मिथिला के हर क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं है।






यहां के युवा कौशलयुक्त श्रेष्ठ उद्यमी हैं। पग पग पर छोटे बड़े लघु कुटीर उद्योग थे। दर्जनों चीनी मील, पेपर मील, स्पिनिंग मील, रिफाइनरी, खाद कारखाना, एनटीपीसी आदि। वृहत पैमाने पर ईंख, लाह आदि की खेती होती थी। जिससे, उद्योग धंधे फल फूल रहे थे। लेकिन, पटना दिल्ली में बैठे अविकसित सोंच के भ्र्ष्ट निरंकुश नेताओं ने इन सभी संभावनाओं को अपने स्वार्थ के लिए नष्ट कर दिया। जिसके खिलाफ नई संभावनाओं को पुर्नजीवित करने के लिए जगत जननी मां सीता की धरती मधवापुर से सात सूत्री मांगों के साथ सकारात्मक आंदोलन की शरुआत की गई है।
बाद में बीडीओ राजेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से मांग पत्र प्राप्त किया और ससमय स्थानीय स्तर पर होने वाले मांगों का समाधान करने एवं संबंधित विभाग के शीर्ष अधिकारी को प्रतिवेदित करने का आश्वसन धरनार्थियों को दिया। धरना सभा को शरत झा, राघवेंद्र रमण, विजय श्री टूना, मंयक विश्वास, अंकित, गणेश साह, विक्की दुबे, बेचन साह, जमील अख्तर सहित कई लोगों ने संबोधित किया। आंदोलन का नेतृत्व राजा पासवान एवं विक्की दुबे ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर एक सौ से अधिक लोग मौजूद थे।
इनकी मुख्य मांगें :
इनकी सात मुख्य मांगों में पिरौखर पंचायत भवन परिसर स्थित मीणा बाजार की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर बाजार बहाल करने, चोरौत पुपरी मुख्य सड़क पर पिरौखर में नाला निर्माण कर जल निकासी की व्यवस्था करने, मधवापुर में कस्टम कार्यलय खोलने, मधवापुर मुख्य बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने, मधवापुर में गंगा सागर एवं पुजेगरी तालाब को अतिक्रमण मुक्त कर सौंदर्यीकरण करने, साहरघाट मुख्य बाजार एवं एसएच 75 से जल निकासी के लिए नाला निर्माण करने एवं 2011-16 इंदिरा आवास योजना के लंबित राशि का भुगतान करना शामिल है। आंदोलनकारियों ने 15 दिनों के अंदर सभी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है।








