संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख दरभंगा। आतंकी गतिविधियों को लेकर पटना पुलिस की और से जो उदभेदन हुए हैं वह बिहार के लिए ही नहीं देश के लिए भी घातक हैं। पटना के फुलवारी शरीफ से पकड़े गए मरगुव अहमद दानिश की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे उसके बरामद मोबाइल से हुई हैं।
पुलिस ने दानिश के मोबाइल को जब खंगाला तो वह पाकिस्तानी संगठन गजवा-ए-हिंद मॉडल को ऑपरेट कर रहा था। वर्ष 2016 से ही वह W.A चैट के माध्यम से बात कर रहा था, जिसमें पाकिस्तान से भारत की बर्बादी के लिए कई मैसेज हैं।






हालांकि पटना पुलिस अब पत्रकारों से भी दूरी बनाकर गोपनीय ढंग से अपनी योजना को मूर्त रूप देने में लग गई है।
सूत्रों का कहना हैं कि पटना में इन जेहादियों की ओर से वर्ष 2023 में जेहाद करने का बड़ा प्लानिंग किया जा रहा था लेकिन पुलिस ने समय रहते इनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। पटना पुलिस ने इन संदिग्धों का मोबाईल पीएफ आई के कनेक्शन को लेकर उसका फोन अपने कब्जे में लिया था लेकिन व्हाट्स ऐप पर चैट देखकर पुलिस सन्न रह गई।
अब सवाल उठता है कि बिहार से आतंकी संगठन के कितने कनेक्शन हैं? इसका खुलासा बिहार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती हैं? यही नहीं बिहार के कितने जिलों में कौन-कौन से संगठन पाकिस्तानियों के साथ अपना संपर्क बनाए हुए हैं?यही नहीं ऐसे संगठनों का फंडिंग भी क्या पाकिस्तान से हो रहा हैं? कई ऐसे सवाल हैं, जिसपर पुलिस और भारत की नामचीन संस्थाओं को इसपर नजर रखने की जरूरत हैं।
पटना के एसएसपी मानव सिंह ढिल्लों ने कहा कि कई पत्रकार ऐसे हैं कि सवाल तो पूछते हैं और जवाब देने पर उसे तोड़ मरोड़कर पड़ोस देते हैं जो चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी बिंदुओं पर पटना पुलिस निष्पक्ष रूप से काम कर रही हैं और साक्ष्य के आधार पर ही काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा हैं कि बिहार के किन किन जिलों में इसका नेटवर्क हैं, इसे भी पता लगाने की जरूरत हैं। इधर पुलिस मुख्यालय ने एसएसपी श्री ढिल्लों से स्पष्टीकरण पूछा हैं और 24 घंटे के भीतर जवाब भी मांगा हैं। दरअसल पटना एसएसपी ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि जिस तरह आरएसएस की शाखा में लाठी डंडे भांजने की ट्रेनिंग देता हैं ठीक उसी तरह पीएफआई से जुड़े लोग करते हैं। यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ा। एसएसपी ने इस बाबत सफाई दी कि पकड़े गए संदिग्धों के यह ब्यान थे जो प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस साक्ष्य के आधार पर काम करती हैं।








