मुख्य बातें
जल जीवन हरियाली की उड़ी धज्जियां
पंचायत भवन के कैंपस में काटे गए दर्जनों हरे भरे पेड़
कार्रवाई के नाम पर जवाबदेही फेंक रहे हैं अधिकारी
फोटो देशज टाइम्स कैप्शन: पंचायत भवन कैंपस से काटे गए हरे भरे पेड़
मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो। सूबे की सरकार कहती है जल जीवन हरियाली हर जगह बना रहे। हर जगह सरकारी भूमि पर हरे भरे पेड़ लगाए जाएं ।इसके लिए जागरूकता अभियान में पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है।






वहीं, माफिया तत्व और अधिकारियों व पंचायत कर्मियों की लापरवाही व उदासीनता से हरे भरे पेड़ काटे जा रहे हैं। ताजा मामला जिले के पंडौल प्रखंड के श्रीपुर हाटी दक्षिणी पंचायत भवन का है।
जहां, पंचायत भवन के कैंपस में वर्षों पुराना कीमती हरे-भरे पौधे को अज्ञात दबंगों ने काट लिया। पेड़ काटे जाने की घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आखिर पेड़ काटे जाने की जानकारी पंचायत के मुखिया को क्यों और कैसे नहीं हुई स्थानीय वार्ड सदस्य व पंचायत के पंचायत सचिव और ग्राम कचरी को भी इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई?
वहीं, इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिजीत चौधरी से चर्चा की गई तो उन्होंने अंचलाधिकारी पर मामले को छोड़ दिया। जब इस बात को लेकर अंचलाधिकारी नंदन श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पंडौल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं पंडौल थाना के एसएचओ शंकर शरण दास ने बताया कि इस मामले में पुलिस सीधी कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार नहीं है पंचायत भवन के जो भी कस्टोडियन हैं उनके लिखित आवेदन पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है। लेकिन अब तक थाने में लिखित रूप से हरे भरे पेड़ काटे जाने का कोई शिकायती आवेदन नहीं पहुंचा है।
वहीं, पेड़ काटे जाने की जानकारी सभी बड़े पदाधिकारियों को होने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब सवाल उठता है इस हरे भरे पेड़ को काटने वाले दोषियों को चिन्हित करने की जिम्मेवारी आखिर किसकी है और कब पेड़ काटने वाले को चिन्हित कर उस पर कार्रवाई की जाएगी यह सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहा है।
पेड़ काटे जाने को लेकर एक ग्रामीण ने बताया कि यहां ग्राम कचरी का निर्माण किया जाएगा, इसीलिए जंगल साफ किया गया है।









You must be logged in to post a comment.