जयनगर/मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। नेपाल में कमला के जल अधिग्रहण क्षेत्र शिशापानी, उदयपुरगढ़ी एवं सिरहा हाइड्रो में तेज वर्षा होने से जयनगर कमला के जल स्तर में लगातार उतार – चढ़ाव जारी है। मंगलवार को दिन के 12 बजे कमला का जलस्तर खतरे के निशान से 84 सेमी कम आंका गया था।जबकि दोपहर करीब 3 बजे कमला का जल स्तर खतरे के निशान से 49 सेमी कम आंका गया।
इस तरह से तीन घण्टे में 35 सेमी की वृद्धि हो गई। नेपाल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नेपाल के उक्त जल अधिग्रहण क्षेत्रों में करीब 40 एमएम वर्षा हुई है। जिसके कारण कमला के जल स्तर में वृद्धि हुई है। यदि जल अधिग्रहण क्षेत्र में इसी तरह तेज बारिश होती रही तो कमला के जल स्तर में और भी अधिक वृद्धि हो सकती है।कमला के जल स्तर में इजाफे को देखते हुए कमलापुल के सभी 8 फाटक को खोल दिये गए हैं।






बाढ़ नियंत्रक प्रमंडल जयनगर के जेई विश्वामित्र ने बताया कि कमला के जल स्तर में लगातार हो रहे उतार- चढ़ाव को देखते हुए विभागीय अधिकारी अलर्ट मोड हैं।अधिकारी इस दिशा में पैनी नजर बनाए हुए हैं।कमला बाढ़ के समय अपने साथ ह्यूमस मिट्टी लेकर आती है। जिसमे जैविक पदार्थो की मात्रा भरपूर होती है।
जंतुओं एवं वनस्पतियों के झड़ने गलने से ह्यूमस बनता है। ऐसा मानना है कि कमला, कमल पर विराजमान लक्ष्मी का नाम है। इसीलिए यहां की मिट्टी से सोना उपजता है। कमला नेपाल के हिमालय क्षेत्र से बहकर धनुषा के बाद जयनगर होते हुए बिहार में प्रवेश करती है। जो दरभंगा प्रमंडल होते हुए आगे चलकर कोसी में मिल जाती है।
संभावित बाढ़ से बचाव को लेकर तैयारी में जुटे लोग
डोरवार, छड़की, बरमोत्रा, खैरामाठ समेत अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग सम्भावित बाढ़ से डरे एवं सहमे हुए हैं। लोग अपने – अपने स्तर से बाढ़ से बचाव की तैयारी में जुटे हैं।कमला नहर प्रमंडल के एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में तेज बारिश होने के कारण कमला के जल स्तर में लगातार उतार -चढ़ाव जारी है। खतरे के निशान से 49 सेमी कम आंका गया है।विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड़ में है।








