दरभंगा, देशज टाइम्स। किरतपुर प्रखंड के जमालपुर थाने के झगरूआ गांव में आग से 57 घर जल गए। एक बच्चे की मौत हो गई। आधा दर्जन मवेशियों की झुलसने से मौत हो गई। इसके बाद कोहराम मच गया। जानकारी मिलते ही डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम मौके पर पहुंचकर तत्काल अग्निपीड़ितों से मुलाकात कर सांत्वना देते हुए। मृत बच्चे मो. हकरू के तीन वर्षीय पुत्र मो. सईद के परिजन को आपदा प्रबंधन प्रावधानों के तहत चार लाख रुपए का चेक दिया।
इधर, गुरुवार को रेड क्रॉस के सौजन्य से झगरूआ ग्राम के अग्निपीड़ितों को जरूरी आवश्यक सामग्रियाँ उपलब्ध कराया गया। इसमें प्रति प्रभावित परिवार को दो साड़ी, दो रेडिमेट कुर्ता, दो बनियान, एक रेडिमेट ब्लाउज, एक रेडिमेट पेटीकोट, एक धोती व एक गमछा देकर पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाई। मौके पर रेड क्रॉस के अध्यक्ष डॉ. रामबाबू खेतान, सचिव मनमोहन सरावगी, सहायक सचिव
आलोक सिंह व सदस्य प्रकाश सिंह उपस्थित थे। बताया जाता है कि बुधवार को करीब ढाई बजे आग की लपटें मोहम्मद के घर से निकली। इस बीच दो गैस सिलेंडर फटने से बस्ती में ज्यादातर लोगों के घर झोपड़ीनुमा थी सो आग फैलने में देर नहीं लगी।
आग में झुलसकर गांव के ही मो. हकरू के तीन वर्षीय पुत्र मो. सईद की मौत हो गई। अग्नि पीड़ितों में दर्जनभर परिवार में बेटी की शादी के लिए सामान जमा कर रखा गया था, जो आग की भेंट चढ़ गया।
अगलगी की सूचना पुलिस को दी गई। घनश्यामपुर व जमालपुर से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने गांव पहुंचकर आग पर काबू पाया। एसडीओ ब्रजकिशोर लाल, बीडीओ रेणु कुमारी सहित कई अधिकारी गांव में अब भी राहत पहुंचाने का कार्य करने व उसका मॉनिटरिंग
करने में लगे हैं। सबसे खास यह कि घटना के तुरंत बाद ही डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वहां पहुंचे ही नहीं बल्कि पीड़ितों की सेवा में जुट गए यह जिलेवासियों के लिए बेहद खास मायने रखता है। तत्काल अग्नि पीड़ित परिवारों के बीच पॉलीथिन शीट्स का वितरण कराया गया। डीएम की देखरेख में खाद्यान्न सामग्री तैयार कर उपलब्ध कराया गया। डीएम ने कैंप में ही सभी पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत सहायता राशि 9800 रुपए तुरंत वितरण कराने के लिए कहा।








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