चुनाव डेस्क, देशज टाइम्स। दरभंगा से जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा की आत्मियता झलक पड़ी है। दरभंगा से उनकी निकटता साफ उनके शब्दों में रूआसे स्वरों में उभरी है जहां टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार जदयू के महासचिव संजय झा ने दिल खोलकर अपने मन की बात कही है। कहा कि, दरभंगा और खासकर मिथिलांचल से उनका नाता अटूट है। उनका दर्द इन शब्दों में झलका कि दरभंगा से उनका संबंध… खड़ा था, खड़ा हूं और खड़ा ही रहूंगा। अपने फेसबुक पर उनका दर्द पढ़कर दरभंगावासी साफ शब्दों में कह रहे हैं कि उनका एक लोकप्रिय नेता अब उनके दिल में है लेकिन राजनीति दुचक्रों ने उन्हें हमसे दूर कर दिया है। संजय ने कहा है
अपने राजनीतिक जीवन में मैंने सदैव मिथिला के विकास को ही सर्वोच्च समझा। यथाशक्ति उसके लिए प्रयत्न किया। आगे भी मेरी प्राथमिकता यही रहेगी। मैं किसी भी परिस्थिति में इससे पीछे नहीं हटूंगा। खड़ा था, खड़ा हूं और खड़ा ही रहूंगा। जानकारी के अनुसार, संजय झा लगातार दरभंगा से जुड़े हैं। मकरसंक्रांत पर हर साल यहां उनका विराट आयोजन लोगों को हमेशा यादों में रहता है। इसबार भी उन्होंने मकरसंक्रांति पर जमकर अपने समर्थकों के साथ धमाल मचाया, चूड़ा-दही खाया था। संजय का दरभंगा से टिकट भी फाइनल था लेकिन भाजपा की जिद ने नीतीश को मजबूर कर दिया। पिछले कई महीनों से संजय यहां अपनी दावेदारी मजबूत समझते हुए काम पर जुट गए थे लेकिन अब उनकी दर्द शब्दों से टपक रही है। जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार हर हाल में दरभंगा सीट अपने पाले में रखेंगे इस आस में संजय को बड़ा झटका लगा है। जदयू नेता संजय झा की आस पूरी न हो सकी। बड़े मायूस होकर मैदान से बाहर हो गए। टिकट बंटवारे के काफी दिनों बाद संजय झा ने चुप्पी तोड़ी। कहा है कि वे दरभंगा के लिए काम करते रहेंगे।








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