चुनाव डेस्क, देशज टाइम्स। लोकसभा चुनाव में लगे चुनाव कर्मियों को हादसे हमले, बीमारी या अन्यान्य कारणों से ड्यूटी पर मौत होने से सरकार की तरफ से बीस लाख रूपए की मुआवजा राशि परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी । इस क्रम में दुर्घटना के दौरान यदि स्थायी रुप से दिव्यांगता का शिकार कर्मी होता है या फिर अंग -भंग पन का शिकार होता है तो पांच लाख की राशि दिजाएगी । लेकिन कर्मी अगर असमाजिक तत्वों के हमले नक्सली हमले को लेकर अपाहिज होता है ,तो मुआवजे की राशि दुगनी यानी दस लाख की होगी । मुआवजे की राशि के लिए आश्रित परिजनों को मृत्यु के हालत में चुनाव के लिए नियुक्ति प्रमाण पत्र मृत्यु प्रमाणपत्र दर्ज कराई गई प्राथमिकी की प्रति संलग्न करने होंगे साथ ही हिंसा व दुर्घटना के जिक्र समेत परिवारिक सूचि भी जमा करना होगा । संशोधित नियमों के तहत चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सरकार को तीन माह के भीतर ही मुआवजे की राशि मृतक के परिजनों को उपलब्ध करनी होगी । मुआवजे की राशि आश्रितों को अदा करने में अगर तीन माह से अधि विलम्ब होता है तो मृत्यु कर्मियों के संबंधित विभाग के अधिकारियों पर कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में जब बक्सर के जिला निर्वाची अधिकारी सह जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह से पूछा गया तो उनका जवाब था, उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से प्राप्त दिशा निर्देशों का अक्षरश:पालन किया जाएगा । चुनाव को लेकर जिला पुलिस बलों की दो दिवसीय कार्यशाला के तहत आज समापन सत्र में मौजूद जिला निर्वाची पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने कहा निर्वाचन कार्य से जुड़े एक एक कर्मी की हिफाजत हरहाल में की जायेगी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र वर्मा ने कहा कि चुनाव को लेकर जिले के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है । साथ ही अगर किसी व्यक्ति से वाट्सएप पर चुनाव सम्बन्धित शिकायत मिलती है तो सम्बन्धित थाने को उस बात पर संज्ञान ले कारवाई करनी होगी। इस बाबत वाट्सएप नम्बर भी जारी कर दिए गये हैं । पुलिस पब्लिक मैत्री सम्बन्ध को लेकर पुलिस को शालीनता का भी पाठ कार्यशाला के दौरान पढ़ाया गया । एसपी वर्मा ने कहा की चुनाव में गड़बड़ी पैदा करनेवाले किसी को भी नहीं बख्शा नहीं जाएगा। 








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