spot_img

तीन बच्चों ने बिस्कुट समझ खा लिया पागल कुत्ते को मारने वाली दवा, एक की मौत, दो की हालत बेहद गंभीर

spot_img
- Advertisement -

तीन बच्चों ने बिस्कुट समझ खा लिया पागल कुत्ते को मारने वाली दवा, एक की मौत, दो की हालत बेहद गंभीर

- Advertisement -

तीन बच्चों ने बिस्कुट समझ खा लिया पागल कुत्ते को मारने वाली दवा, एक की मौत, दो की हालत बेहद गंभीर

- Advertisement -

आकिल हुसैन मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। जाको राखे साईंया, मार सके न कोई। इसी तरह का एक मामला प्रकाश में आया है बिस्फी के पतौना ओपी क्षेत्र के तेघड़ा गांव में। यहां तीन बच्चों ने कोचिला खा लिया। इसमें से एक की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे जिंदगी व मौत की जंग लड़ रहा है। जानकारी के अनुसार एक पागल कुत्ते को मारने के लिए घर में रखा कोचिला को तीनों बच्चो ने बिस्कुट समझकर खा लिया। मंगलवार को तीनों बच्चे आठ वर्षीय सोनी कुमारी, छह वर्षीय दिलखुश कुमार व पांच वर्षीय मनखुश ने खा लिया। इसके तुरंत बाद तीनों बच्चों की हालत गंभीर हो गयी। जहां परिजन व गांव वालों ने इलाज के लिए तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिस्फी में भर्ती कराया। परंतु तीनों की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल मधुबनी रेफर कर दिया। वहीं, सदर अस्पताल में पहुंचते ही यहां के भी चिकित्सकों ने तीनों बच्चों की हालत नाजुक देखते हुए डीएमसीएच रेफर कर दिया।

- Advertisement -

तीन बच्चों ने बिस्कुट समझ खा लिया पागल कुत्ते को मारने वाली दवा, एक की मौत, दो की हालत बेहद गंभीर

इधर, परिजनों मधुबनी-रैयाम रोड, बसुआरा स्थित क्रिब्स अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के चिकित्सकों ने तीनों बच्चों को देखने के बाद एक बच्चा मनखुश कुमार को मृत घोषित कर दिया  जबकि दो बच्चे जिन्दगी व मौत की जंग लड़ रहा है। क्रिब्स अस्पताल के चिकित्सक डॉ. इरफान अहमद अंसारी व जितेंद्र कुमार ने देशज टाइम्स को बताया कि एक बच्चे की मौत हो चुकी थी जबकि दो बच्चों को बचाने के लिए चिकित्सकों की टीम प्रयास कर रही है ताकि दोनों बच्चे बच जाएं। वहीं, नगर थानाध्यक्ष अरूण कुमार राय क्रिब्स अस्पताल पहुंचकर बच्चे की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं मृतक के फुफेरे भाई विष्णु दास, पिता राम बहादुर दास का फर्द ब्यान पुलिस ने ले लिया है। जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चों को उसकी मां की मौत के बाद उसके पिता रहिका थाना क्षेत्र के बलांट गांव निवासी विरोघी दास ने अपनी बहनोई तेघरा गांव निवासी राम बहादुर दास व बहन दुखनी देवी के यहां रख दिया था, जहां तीनों बच्चे करीब तीन वर्षो से रहकर पढ़ाई-लिखाई कर रहे थे।

तीन बच्चों ने बिस्कुट समझ खा लिया पागल कुत्ते को मारने वाली दवा, एक की मौत, दो की हालत बेहद गंभीर

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भागलपुर: SSP की छात्रों को चेतावनी! साइबर ठगों से बचने के लिए ‘ये 5 बातें’ हमेशा याद रखें

Bhagalpur Cyber Crime: भागलपुर के जिला स्कूल में 'साइबर स्मार्ट ट्यूसडे' कार्यक्रम आयोजित हुआ। SSP प्रमोद कुमार यादव ने छात्रों को साइबर ठगी से बचने के महत्वपूर्ण तरीके बताए, जिसमें O#BhagalpurNews,#CyberCrime,#BiharPolice

भागलपुर में ‘दरवाजा’ बना खूनी जंग की वजह, एक ही परिवार के 6 लोग हुए लहूलुहान!

Bhagalpur Violence: भागलपुर के आलमगीरपुर गांव में दरवाजा लगाने को लेकर हुए खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।#BhagalpurViolence,#BiharNews,#FamilyDispute

Bihar Railway News कांवरियों के लिए बड़ी खबर! भागलपुर-दानापुर स्पेशल ट्रेन की सेवा दो दिन और बढ़ी

Bihar Railway News: कांवरियों के लिए बड़ी खबर! रेलवे ने भागलपुर-दानापुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की सेवा को दो अतिरिक्त दिनों तक बढ़ा दिया है, जिससे भीड़ से राहत मिलेगी.#BiharRailway,#ShravaniMela,#BhagalpurNews

दरभंगा की जीविका दीदियों ने कर दिखाया कमाल! 76 हजार तिरंगे बनाकर बढ़ा रहीं देश का मान

Darbhanga Har Ghar Tiranga: दरभंगा में 'हर घर तिरंगा अभियान' के तहत हजारों जीविका दीदियां 76,000 राष्ट्रीय ध्वज बना रही हैं। यह पहल उन्हें रोजगार और राष्ट्रसेवा का गौरवपूर्ण अवसर दे रही है#BiharNews,#DarbhangaHarGharTiranga,#JeevikaDidis