मुकेश कुमार, दरभंगा, देशज टाइम्स। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा,दरभंगा जिले में भूगर्भ जलस्तर के नीचे चले जाने के चलते जिलान्तर्गत कुछ क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। बुधवार को मुख्य सचिव अंबेडकर सभाकक्ष में जिला में वर्तमान जल संकट पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि दरभंगा जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित पोखर/आहर पैन/चैक डैम जीर्णोंद्धार कराया जाए।
इससे वर्षा के पानी का संचय करने में सहूलियत होगी। कहा,गर्मी के इस मौसम में जिन गांवों,टोले व वार्डों में पानी की कमी हो गई है वहां किसी भी सूरत में पानी पहुंचायी जाए। जहां बोरिंग नहीं हो पाया है अथवा पाइप लाइन नहीं बिछाया जा सका है उन वार्डों में टैंकर के जरिए पानी पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा, पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। बल्कि इतना पानी उपलब्ध कराया जाए जिससे लोगों की जरूरतें पूरी हो जाएं। उन्होंने कहा, राज्य सरकार के सात निश्चय में हर घर नल का जल सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार ने 2022 तक हर घर को पाइप के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना पर कार्य चल रहा है। उन्होंने दरभंगा के जल संकट वाले वार्डों में अभियान चलाकर नल-जल योजना का क्रियान्वयन करने का निदेश दिया।
मुख्य सचिव ने कहा,दरभंगा जिला में भूगर्भ जलस्तर का नीचे जाना भविष्य के लिए चेतावनी है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग एकमात्र विकल्प है। उन्होंने सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू कराने को कहा। नगर निगम क्षेत्र के सभी मकान मालिकों को इस बावत नोटिस दी जाएगी। अगर तय समय पर वे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित नहीं करेंगे तो उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने जल संचयन के लिए तालाबों/नहर/पैन आदि का उड़ाही कर भिंडा पर पौधारोपन कराने का सुझाव दिया। इससे पानी व पर्यावरण दोनों संतुलित रहेंगे। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने अभियान चलाकर तालाबों के अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया। 








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