मधुबनी,देशज टाइम्स। तो क्या वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार इंजीनियर बद्री ब्रदी कुमार पूर्वे के नाम की मधुबनी लोकसभा सीट से उम्मीदवारी की घोषणा होने के महज चंद घंटे बाद राजद से बगावती मूड में चल रहे पूर्व सांसद अली अशरफ फातमी ने अपना पहला मास्टर स्ट्रोक चल दिया है।
फातमी ने साफ संकेत दिए थे कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह खुद या अपने किसी चहेते को निर्दलीय भी चुनाव मैदान में उतार सकते हैं लेकिन अब उन्हें निर्दलीय नहीं एक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है जो योग्य भी है और मधुबनी में जिसकी पकड़ भी है। ऐसे में फातमी के लिए एक पंथ दो काज चरितार्थ हो रही है।
मधुबनी लोकसभा क्षेत्र से फातमी की पिच तैयार थी ऐसे में उन्हें खुद या एक खास को मौका देना था। सो उन्हें ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष नजरे आलम के रूप में एक योद्धा मिल गया है जिसके सहारे शह और मात का खेल आराम से खेला जा सकता है।
ऐसे में श्री आलम ने मधुबनी से चुनाव लड़ने का फैसला कर राजनीतिक हल्कों में हलचल पैदा कर दी है वहीं इसे मुस्लिम ध्रुवीकरण के लिहाज से राजद व वीआईपी पर सीधा प्रहार बताया जा रहा है। वहीं, मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष नजरे आलम ने देशज टाइम्स को बताया कि नामांकन की तिथि का एलान नौ अप्रैल को बैठक करने के बाद किया जाएगा। नजरे आलम ने कहा कि उनकी जीत तय है। हर वर्ग के लोग उनके साथ हैं।








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