सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स। आसमान पर जा पहुंचूं, अल्लाह तेरा नाम लिखूं इसी हसरत के साथ सिंहवाड़ा हरिहरपुर पश्चिमी के बहुआरा बुजुर्ग गांव की छोटी मस्जिद व भरवाड़ा काजी मोहल्ला की नूरानी जामा मस्जिद की छटा देखते ही बन रही है।
माह-ए-रमजान को लेकर मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदार यहां पहुंचकर नमाज अदा कर अल्लाह को याद कर रहे हैं।अकीदतमंदों को पता है, एक रोजा छोड़ देने पर लाखों बरस जहन्नुम की आग में इंसान को जलना पड़ेगा। उन्हें पता है, जिन्होंने रोजा रखा वह अपनी आखिरत को आबाद किए हैं। बगैर मजबूरी के रोजा नहीं रखने से उस शख्स पर अल्लाह का अजाब होगा।
रोजा एक अहम इबादत है। इसके लिए इरादा व नियत का सही होना जरुरी है। इधर, पवित्रता के साथ अकीदतमंद शुक्रवार को मुकर्रर वक्त पर मस्जिद पहुंचे।
प्रखंड क्षेत्र के सिमरी, बस्तवाड़ा, रामपूरा, बिरदीपुर,अरई, सढ़वाड़ा, कंसी, शोभन, निस्ता, शंकरपुर बहुआरा बुजुर्ग के मस्जिदों में शांति माहौल में जुमा की नमाज अदा कर दुआ मांगी। रोजे की नियत अरबी में करें। अगर इस भाषा में याद नहीं हो तब अपनी जुबान मे भी नियत कर सकते हैं। सिर्फ भूखे और प्यासे रहने का नाम रोजा नहीं है।








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