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बांका में ‘हाफ एनकाउंटर’ पर बवाल-बड़ा खुलासा! पिता का आया चौंकाने वाला बयान- रांची से गिरफ्तारी, फिर जंगल में कैसे मारी पैर में गोली?

Banka Police: बांका में डबल मर्डर के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के 'हाफ एनकाउंटर' के बाद पुलिस के दावे पर सवाल उठ गए हैं। घायल सचिन के पिता संजय कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची से गिरफ्तार कर किसी और जगह गोली मारी है।

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Banka Police: बिहार के बांका जिले में हुए बलिया डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के ‘हाफ एनकाउंटर’ ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुठभेड़ की कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत है।

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डबल मर्डर के बाद रांची से हुई थी गिरफ्तारी, पुलिस ने बताया जंगल में मुठभेड़

यह मामला 5 जुलाई का है, जब अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गाँव के पास धर्मराय गाँव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सचिन सिंह को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। पुलिस के अनुसार, इसी टीम ने सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया।

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बांका ‘हाफ एनकाउंटर’ पर बड़ा खुलासा! पिता ने पुलिस पर लगाए चौंकाने वाले आरोप

Banka Police Encounter: बिहार के बांका जिले में हुए बलिया डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के ‘हाफ एनकाउंटर’ के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। एक ओर जहां पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी सचिन सिंह के पिता ने पुलिस पर मनगढ़ंत कहानी रचने और अपने बेटे को दूसरे स्थान पर ले जाकर गोली मारने का आरोप लगाया है। इस घटना ने पूरे मामले को एक नए विवाद में उलझा दिया है।

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5 जुलाई को अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस मुख्य आरोपी सचिन सिंह की तलाश में थी।

पुलिस की कहानी: आत्मरक्षा में चली गोली

पुलिस के अनुसार, बलिया डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह को एक विशेष पुलिस टीम ने झारखंड की राजधानी रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सचिन ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बलिया के जंगल में छिपाया गया है। पुलिस टीम जब हथियार बरामद करने के लिए उसे बलिया के जंगल लेकर पहुंची, तो सचिन ने कथित तौर पर छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे तत्काल भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है।

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पिता का आरोप: रांची से गिरफ्तारी, फिर पैर में गोली

सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ‘पुलिस ने मेरे बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर पैर में गोली मारी गई। पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत है।’

संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उनके बेटे को घायल किया है। हालांकि, बांका पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई थी।

आगे क्या? पुलिस अपने दावे पर कायम

फिलहाल, सचिन सिंह का इलाज भागलपुर के अस्पताल में पुलिस की कड़ी निगरानी में जारी है। इस ‘हाफ एनकाउंटर’ को लेकर पुलिस और आरोपी के परिवार के बीच आरोपों का दौर जारी है। इस मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सच्चाई सामने आ पाएगी कि पुलिस का दावा सही है या आरोपी के पिता के आरोप निराधार हैं।

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पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान सचिन सिंह ने बताया कि उसने हत्या में इस्तेमाल किया हथियार बलिया के जंगल में छिपाया है। जब पुलिस टीम उस हथियार को बरामद करने के लिए सचिन को जंगल लेकर पहुँची, तो उसने छिपे हुए हथियार से पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई गई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसका उपचार चल रहा है।

सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ‘पुलिस ने मेरे बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर पैर में गोली मारी। पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी बिल्कुल सही नहीं है।’

पुलिस अपने दावे पर कायम, जांच जारी

हालांकि, इन गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस अपने दावे पर कायम है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान सचमुच पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करना आवश्यक हो गया था। इस मामले में पुलिस और आरोपी के परिवार के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी है, जिससे ‘हाफ एनकाउंटर’ की पूरी घटना पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की आगे की जांच और तथ्यों का सामने आना अभी बाकी है।

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