Darbhanga Dairy: बिहार के दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र को दूध और दही के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। अब दरभंगा में प्रतिदिन 2 लाख लीटर क्षमता वाला अत्याधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र और 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाली दही निर्माण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस परियोजना से स्थानीय किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जिससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
दरभंगा में डेयरी क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव
केंद्रीय पशुपालन, मत्स्यपालन तथा डेयरी विकास मंत्रालय ने दरभंगा में डेयरी इकाइयों की स्थापना की पहल शुरू कर दी है। लोकसभा में भाजपा सचेतक और स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन सिंह’ से लगातार संपर्क साधा था। उन्होंने लोकसभा सत्र के दौरान मंत्री को पत्र लिखा और फिर नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से भेंट कर दरभंगा में डेयरी क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा था।






सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया, ‘केंद्रीय मंत्री ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करते हुए अवगत कराया है कि दरभंगा में 2 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले अत्याधुनिक डेयरी प्रसंस्करण संयंत्र तथा 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाली दही निर्माण इकाई की स्थापना की दिशा में पहल प्रगति पर है।’
रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
डॉ. ठाकुर ने इस पहल को दरभंगा और मिथिला क्षेत्र के लिए एक ठोस कदम बताया है। उनका कहना है कि यह परियोजना दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय आर्थिक विकास को भी तेज रफ्तार मिलेगी। इस कदम से ग्रामीण इलाकों में खुशहाली आएगी।
केंद्र सरकार की किसानों को सशक्त करने की प्रतिबद्धता
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। डॉ. ठाकुर के अनुसार, केंद्र सरकार दरभंगा के ग्रामीण विकास और जनहित से जुड़े हर विषय पर निरंतर पहल कर रही है, जिससे जिले के विकास को नई गति मिल रही है। यह परियोजना इसी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है।








