Bhagalpur Crime News: बिहार के भागलपुर में करीब पांच साल पहले रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक वारदात में अब न्यायपालिका का बड़ा फैसला आया है। व्यवहार न्यायालय ने चर्चित आशीष मिश्रा हत्याकांड में दोषी भतीजे दीपक कुमार मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिससे मृतक के परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया है।
चाकू से हमला कर की थी चाचा की हत्या
यह मामला 5 फरवरी 2022 का है, जब बाईपास थाना क्षेत्र के बैजानी गांव निवासी आशीष मिश्रा अपने भतीजे दीपक कुमार मिश्रा के साथ बाइक से घर से निकले थे। आरोप है कि लोदीपुर थाना क्षेत्र के बाईपास के पास दीपक ने अपने ही चाचा आशीष मिश्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और लोग रिश्तों के इस खूनी अंजाम से स्तब्ध रह गए थे।






कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई तेजी से चली। एडीजे 13 प्रशांत कुमार झा की अदालत ने सभी उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहनता से परीक्षण किया। पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने दीपक कुमार मिश्रा को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास के साथ 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

मृतक पक्ष के अधिवक्ता महावीर तिवारी ने बताया, ‘करीब पांच साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी को कड़ी सजा दी है।’
परिवार को मिला न्याय, अधिवक्ता का आभार
इस फैसले से मृतक आशीष मिश्रा के परिवार ने संतोष व्यक्त किया है। मृतक के भाई और इस मामले के सूचक प्रीतम कुमार मिश्रा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार उनके परिवार को न्याय मिल गया है। उन्होंने अधिवक्ता महावीर तिवारी का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बिना किसी शुल्क के पूरे मामले की पैरवी की और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह फैसला बताता है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, न्याय अवश्य मिलता है।









