Bihar Monsoon Session: बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। यह छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है, वहीं सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। इस सत्र में कई अहम विधेयक भी सदन में लाए जाएंगे।
बिहार मानसून सत्र: सरकार पर बरसेगा विपक्ष, आपकी जेब पर असर डालने वाले मुद्दों पर संग्राम!
Bihar Monsoon Session: 20 जुलाई से बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुरू होने वाला है। 24 जुलाई तक चलने वाले इस छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। एक ओर जहां राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में नए टैक्स, स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स और शिक्षकों की बहाली में देरी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है।






सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र आम जनता से जुड़े कई अहम सवालों का गवाह बनेगा। सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखने का प्रयास करेगी, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगेगा।

अनुपूरक बजट पर सबकी निगाहें
मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को, विधानसभा अध्यक्ष का संबोधन होगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। साथ ही, दिवंगत नेताओं और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के सम्मान में शोक प्रस्ताव भी लिया जाएगा।
इस बार अनुपूरक बजट का आकार पिछले साल की तुलना में काफी बड़ा होने की संभावना है। सरकार को अपनी महत्वाकांक्षी 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि और महिलाओं को रोजगार सहायता योजना की दूसरी किस्त जैसी बड़ी घोषणाओं को लागू करने के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होगी। इसलिए इस बजट से कई नई योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
विपक्ष के तीखे सवाल, सरकार की तैयारी
राजद समेत विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ कई बड़े मुद्दों पर रणनीति तैयार की है। ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स लगाने का फैसला, स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स, कथित फर्जी एनकाउंटर, शिक्षकों की नियुक्ति में देरी और महिलाओं को रोजगार सहायता राशि देने में देरी जैसे मुद्दे विपक्ष के प्रमुख हथियार होंगे। विपक्ष का कहना है कि,
सरकार को इन सभी मुद्दों पर सदन में स्पष्ट जवाब देना होगा।
वहीं, सत्ता पक्ष पूरी तैयारी में है। उनका कहना है कि,
विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य समेत कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक भी सत्र के दौरान सदन में पेश किए जाएंगे।
कड़ी सुरक्षा के बीच हंगामेदार सत्र
मानसून सत्र को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा अधिकारियों के साथ भी की गई है। पूरे विधानसभा परिसर की जांच डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते द्वारा की जा चुकी है। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
सत्र के कार्यक्रम के अनुसार, 21 और 22 जुलाई को प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य सरकारी कार्य होंगे। 23 जुलाई को प्रथम अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा के साथ विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। सत्र के अंतिम दिन, 24 जुलाई को प्रश्नकाल के बाद गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। यह पांच दिवसीय सत्र बिहार की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मानसून सत्र: विपक्ष इन मुद्दों पर घेरेगी सरकार को
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत अन्य विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ कई बड़े मुद्दों पर रणनीति तैयार की है। विपक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स लगाने के फैसले, स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स, कथित फर्जी एनकाउंटर, शिक्षकों की बहाली में देरी और महिलाओं को रोजगार सहायता राशि देने में हो रही देरी जैसे गंभीर मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा। विपक्ष का साफ कहना है कि सरकार को इन सभी जनहित से जुड़े मुद्दों पर सदन में स्पष्ट जवाब देना होगा।
अनुपूरक बजट से पूरी होंगी ये बड़ी घोषणाएं
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष का संबोधन होगा, जिसके तुरंत बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। इसके अलावा, दिवंगत नेताओं और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के सम्मान में शोक प्रस्ताव भी लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बार अनुपूरक बजट का आकार पिछले साल की तुलना में बड़ा हो सकता है। सरकार को 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि और महिलाओं को रोजगार सहायता योजना की दूसरी किस्त जैसी अपनी बड़ी घोषणाओं को लागू करने के लिए इस अतिरिक्त धन की आवश्यकता है।
सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मानसून सत्र को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपील की है। अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई है। पूरे विधानसभा परिसर की जांच डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते द्वारा की गई है, साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
सत्र के कार्यक्रम के अनुसार, 21 और 22 जुलाई को प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य सरकारी कार्य होंगे। 23 जुलाई को प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा के साथ विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। वहीं, 24 जुलाई को प्रश्नकाल के बाद गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पांच दिवसीय छोटा सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है, क्योंकि सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखेगी, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरेगा।









