Bihar Adoption: बिहार के मधुबनी जिले से एक हृदयस्पर्शी खबर सामने आई है, जहां एक निराश्रित बच्ची को संयुक्त राज्य अमेरिका के एक दंपत्ति का स्नेह और सुरक्षित भविष्य मिला है। मधुबनी के जिला पदाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी आनंद शर्मा की उपस्थिति में, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में रह रही इस बालिका को कानूनी रूप से अमेरिकी दंपत्ति को सौंप दिया गया। इस प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही बच्ची के लिए एक नई और उज्ज्वल जिंदगी का रास्ता खुल गया है।







बेसहारा बच्चों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक पहल
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने दत्तक ग्रहण को एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दत्तक ग्रहण व्यवस्था निराश्रित और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के सुरक्षित पुनर्वास, समुचित देखभाल और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करती है। डीएम ने इस बात पर भी बल दिया कि प्रत्येक बच्चे को पारिवारिक स्नेह, सुरक्षित वातावरण और बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आनंद शर्मा ने कहा, ‘दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया ऐसे बच्चों को प्रेमपूर्ण परिवार प्रदान कर उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।’
उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को भारत सरकार के प्रचलित नियमों और विधिक प्रावधानों के अनुसार ही संपन्न किया गया है।

मौजूद रहे ये अधिकारी
इस भावुक क्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, मधुबनी के नितेश कुमार पाठक, वरीय उप समाहर्ता ज्योति रानी, बाल संरक्षण पदाधिकारी अजय कुमार और विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मधुबनी के समन्वयक भावेश कुमार झा शामिल थे। इन सभी पदाधिकारियों और संबंधित कर्मियों की उपस्थिति में बालिका को उसके नए माता-पिता को सौंपा गया।
अंतर्राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण से मिला नया जीवन
अंतर्राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण की यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि देश-विदेश में भी बेसहारा बच्चों को एक स्थायी और प्रेमपूर्ण परिवार मिल सके। मधुबनी की इस बालिका को अमेरिका में एक नया घर और बेहतर जीवन के अवसर प्राप्त होंगे। यह घटना बाल कल्याण के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम है, जो दर्शाता है कि प्रशासन और समाज मिलकर बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।










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