Araria Turtle: बिहार के अररिया जिले के फुलवाड़ी गांव में रविवार को एक अनोखी घटना सामने आई। खेत में काम कर रहे ग्रामीणों को एक दुर्लभ प्रजाति का कछुआ मिला, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। खेत की जुताई के दौरान अचानक मिट्टी में दबा यह कछुआ दिखाई दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
छह-सात इंच लंबा था अनोखा कछुआ, शरीर पर सुनहरे धब्बे
मिले इस कछुए की लंबाई लगभग छह से सात इंच थी। इसकी सबसे खास बात यह थी कि इसके शरीर पर सुनहरे रंग के धब्बे थे, जो इसे सामान्य कछुओं से अलग बनाते थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस तरह की प्रजाति का कछुआ पहले कभी नहीं देखा था। यह खोज स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय बन गई।






बुजुर्गों ने बताया शुभ संकेत, ग्रामीणों ने सुरक्षित छोड़ा
स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि खेत में कछुए का मिलना बेहद शुभ संकेत होता है। उनका कहना है कि यह अच्छी फसल और आने वाले समय में खुशहाली का प्रतीक है। इस मान्यता के चलते ग्रामीणों ने कछुए को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। सभी ने मिलकर उसे पास के एक जलस्रोत के किनारे सुरक्षित छोड़ दिया, जिससे वह अपने प्राकृतिक आवास में लौट सके। यह घटना स्थानीय समुदाय के वन्यजीवों के प्रति सम्मान और जागरूकता को दर्शाती है।

वन विभाग की अपील: वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं
बरसात के मौसम में अक्सर कछुए खेतों और निचले इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे में वन विभाग ने आमजनों से विशेष अपील की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने आमजनों से अपील है कि ऐसे वन्य जीवों को नुकसान न पहुंचाएं। उन्हें सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास में लौटने में मदद करें।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित करती है और बताती है कि कैसे स्थानीय समुदाय और वन विभाग मिलकर प्रकृति की रक्षा कर सकते हैं।









