India England ODI: रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में लॉर्ड्स (लंदन) के ऐतिहासिक मैदान पर शानदार शतकीय पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 34वां और कुल 51वां अंतरराष्ट्रीय शतक है, जिसे उन्होंने मात्र 84 गेंदों में पूरा किया और इसके साथ ही वे लॉर्ड्स में वनडे शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
लॉर्ड्स में पहला भारतीय: रोहित इस प्रतिष्ठित मैदान पर वनडे में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। बेहतरीन स्ट्राइक रेट: इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज-निर्णायक मुकाबले में उन्होंने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए चौकों और छक्कों की बरसात की।अंतरराष्ट्रीय शतकों का अंबार: यह उनका 51वां अंतरराष्ट्रीय शतक है, जिसने उनके शानदार फॉर्म को साबित किया है। शानदार पारियों और रिकॉर्ड्स की झलक : रोहित शर्मा को ‘हिटमैन’ (Hitman) यूं ही नहीं कहा जाता। वनडे प्रारूप में उनके नाम कई ऐसे कीर्तिमान दर्ज हैं जिन्हें तोड़ना आसान नहीं है:वनडे में सबसे बड़ी पारी: 264 रन (श्रीलंका के खिलाफ, 2014)। सबसे ज्यादा दोहरे शतक: उनके नाम वनडे क्रिकेट में 3 दोहरे शतक दर्ज हैं। वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा शतक: किसी एक वनडे वर्ल्ड कप में 5 शतक जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्हीं के नाम है।इंटरनेशनल क्रिकेट में छक्के: तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी20) में उनके नाम 650 से अधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड है।
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में मेजबान टीम ने भारत के सामने जीत के लिए 388 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 3 विकेट खोकर 387 रन बनाए। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। टीम इंडिया के लिए यह मैच सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि 22 साल से लॉर्ड्स के मैदान पर चले आ रहे वनडे जीत के सूखे को खत्म करने का भी मौका है।






इंग्लैंड की ओर से बेन डकेट ने 141 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया। उनके अलावा जैकब बेथेल ने 91 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि अनुभवी जो रूट ने 74 रन बनाए। कप्तान जोस बटलर ने भी अंत में ताबड़तोड़ 41 रन जोड़कर टीम के स्कोर को 387 तक पहुंचाया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जो उनके बल्लेबाजों ने सही साबित कर दिखाया।

टीम इंडिया में बदलाव और खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इस निर्णायक मुकाबले के लिए भारतीय टीम में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्लेइंग इलेवन में केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को शामिल किया गया। वहीं, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे को आखिरी मैच से बाहर रखा गया है।
- भारतीय प्लेइंग इलेवन: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा।
- इंग्लैंड प्लेइंग इलेवन: बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रुक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल रशीद, जोश टंग।
भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो रोहित शर्मा के करियर के लिए यह मैच काफी अहम है, क्योंकि साल 2026 में उनके बल्ले से 8 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक निकला है। किंग कोहली अच्छी लय में दिख रहे हैं और उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है। कप्तान शुभमन गिल पूरी सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए हैं, उन पर टीम को जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी है।
इंग्लैंड की ताकत और पिच का मिजाज
इंग्लैंड की टीम जब भी मुश्किल में होती है, अनुभवी जो रूट खूंटा गाड़कर खड़े हो जाते हैं। भारतीय गेंदबाजों के लिए उन्हें आउट करना हमेशा चुनौती रहा है। वहीं, जोफ्रा आर्चर अपनी तेज गेंदबाजी से आग उगल रहे हैं, जिससे भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर खेलना होगा। लॉर्ड्स की पिच को शुरुआती ओवरों के बाद बल्लेबाजी के लिए अनुकूल बताया जा रहा है, ऐसे में बड़े स्कोर का पीछा करना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन नामुमकिन नहीं।
गौतम गंभीर की कोचिंग और साख का सवाल
इस सीरीज को जीतना गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम के लिए साख का सवाल बन गया है। हाल ही में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी सरजमीं पर भारतीय टीम का सूपड़ा साफ किया था। ऐसे में फैंस को डर है कि कहीं इंग्लैंड भी ऐसा न कर दे। यह मैच जीतकर भारत को विदेशों में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने की अपनी साख बचानी होगी।
सीरीज के दौरान भारतीय टीम के स्क्वॉड में भी परिवर्तन हुए हैं। कार्डिफ में खेले गए मुकाबले के दौरान वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे, जिसके चलते उन्हें सीरीज से बाहर होना पड़ा। उनकी जगह हर्ष दुबे को टीम में शामिल किया गया है। कुलदीप यादव को इस सीरीज में अब तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।
अब देखना यह है कि क्या शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया लॉर्ड्स में 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा कर पाती है और 22 साल के सूखे को खत्म कर इतिहास रच पाती है या नहीं। फैंस को उम्मीद है कि भारतीय शेर इस चुनौती को पार कर सीरीज अपने नाम करेंगे।









