Bihar Shravani Mela: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में अब महज 12 दिन बाकी हैं, लेकिन सुल्तानगंज और भागलपुर में तैयारियों की धीमी रफ्तार श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा रही है। कांवड़िया पथ अभी भी पूरी तरह से जर्जर और कीचड़मय बना हुआ है। बालू बिछाने का काम भी बेहद सुस्त गति से चल रहा है, जिससे कांवड़ियों को इस बार भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जिला प्रशासन ने अजगैविनाथ गंगा घाट और नमामि गंगा घाट पर युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू करने का दावा किया है। धांधली बेलारी में कांवड़ियों के ठहरने के लिए जर्मन हैंगर का काम भी तेजी से चल रहा है। हालांकि, मेला क्षेत्र में बनाए गए पार्किंग स्थलों पर अब तक शौचालय, पानी और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गति से काम हो रहा है, उससे कांवड़ियों को उचित सुविधा मिल पाना असंभव है।






कांवड़िया पथ पर लापरवाही और गड्ढे
श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन पर कोई खास पहल नहीं हुई है। खास तौर पर कच्ची कमरिया पद पर बालू का छिड़काव बेहद कम हुआ है, जिससे कई जगहों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं और जल जमाव की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, कांवड़िया पथ पर स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं। उनका मानना है कि श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है और दुकानें बन जाने से उन्हें ठहरने और खाने-पीने की सुविधा मिल सकेगी।

श्रावणी मेला की तैयारियों पर उच्चस्तरीय बैठक
इस बीच, श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव, श्री प्रदीप कुमार सिंह भी मौजूद रहे। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और आकर्षक आयोजन सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की। पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तावित ड्रोन शो, जर्मन हैंगर, टेंट सिटी सहित अन्य पर्यटन और आधारभूत संरचना संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से और आपसी समन्वय के साथ काम पूरा करने पर जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा, ‘श्रावणी मेला राज्य एवं देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं यादगार अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं तथा प्रत्येक व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है।’
बैठक के बाद जिला पदाधिकारी और पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव ने प्रस्तावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। ड्रोन शो, जर्मन हैंगर, टेंट सिटी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए संभावित स्थलों का अवलोकन कर विभिन्न स्थानों और रूटों को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
मसदी पार्किंग पर भू-विवाद: निजी जमीन पर जबरन रास्ता बनाने का आरोप
श्रावणी मेले के लिए मसदी पंचायत के मसदी गांव में बड़ी और छोटी गाड़ियों की पार्किंग के नाम पर एक नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि निजी जमीन मालिकों की खरीदी हुई जमीन पर जबरन रास्ता बनाने का प्रयास हो रहा है। सुनीता देवी, गुड्डी कुमारी, बॉबी झा, मीरां देवी, खुशबू कुमारी, पूनम देवी, अरुण यादव और मन्नु झा समेत कई जमीन मालिकों ने बताया कि उनकी जमीन की दीवार तोड़कर पार्किंग स्थल का रास्ता निकालने की तैयारी है।

जमीन मालिकों का कहना है कि पूर्व में भी पार्किंग स्थल का रास्ता निकाल लिया था, जिसकी शिकायत थाना और अंचल में की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सहित अन्य अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। इसके बावजूद, इस बार भी श्रावणी में दीवार तोड़ने-फोड़ने का प्रयास हो रहा है। जमीन मालिकों पर दबाव बनाया जा रहा है जबकि मसदी पार्किंग स्थल की खाली जमीन भी है मगर, निजी जमीन पर जबरन रास्ता बनाने की कोशिश हो रही।









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