Patna News: मिर्जापुर की दुनिया अब स्ट्रीमिंग स्क्रीन से सिनेमाघरों की ओर बढ़ रही है। इसी कड़ी में फिल्म के प्रमोशन के लिए अभिनेता पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा शनिवार को पटना पहुंचे। यह फिल्म, जो सत्ता संघर्ष और सिंहासन की लड़ाई को बड़े पर्दे पर लाएगी, 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसका निर्माण Amazon MGM Studios और Excel Entertainment ने किया है।
पंकज त्रिपाठी ने ताजा कीं पुरानी यादें, भोजपुरी फिल्म की चाहत
पंकज त्रिपाठी के लिए पटना का यह दौरा पुरानी यादों को ताजा करने जैसा था। बिहार से ताल्लुक रखने वाले इस अभिनेता ने अपने शुरुआती थिएटर के दिनों और खगौल व दानापुर की यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि ‘आज मुझे खगौल जाने का मौका मिला। मैं 30 साल बाद दानापुर स्टेशन आया।’
त्रिपाठी ने उस ऑडिटोरियम में अभिनय करने की बात भी याद की, जहां उन्होंने 1996 में अपने थिएटर करियर की शुरुआत की थी। उस दौरान वह कंकड़बाग से साइकिल चलाकर रोजाना नाटकों में अभिनय करने जाते थे। उन्होंने कहा, ‘आज मैंने उन पुरानी गलियों को फिर से देखा; जब भी मैं इस शहर में आता हूं, पुरानी यादों में खो जाता हूं।’ पंकज त्रिपाठी ने यह भी इच्छा जताई कि वह भोजपुरी में एक फिल्म बनाना चाहते हैं और फिलहाल एक उपयुक्त स्क्रिप्ट की तलाश में हैं।
मिर्जापुर में गालियों के इस्तेमाल पर पंकज त्रिपाठी का बयान
मिर्जापुर से जुड़ी अपशब्दों के इस्तेमाल पर चर्चा करते हुए पंकज त्रिपाठी ने कहा कि कभी-कभी लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अन्य शब्दों की कमी होने पर अपशब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी भाषा का उपयोग किसी किरदार की प्रकृति और कहानी की मांग पर निर्भर करता है। त्रिपाठी ने कहा, ‘मैं एक कलाकार हूं; जो कुछ भी मुझे दिया जाता है, मैं उसे भावनात्मक गहराई के साथ पर्दे पर उतारूंगा।’
उन्होंने शो की मूल ओटीटी रिलीज और आगामी नाट्य फिल्म के बीच के अंतर को भी रेखांकित किया। जहां वेब सीरीज बिना किसी नाट्य सेंसरशिप प्रतिबंध के एक प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी, वहीं फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया गया है।
अली फजल और दिव्येंदु शर्मा ने साझा किए अनुभव
अली फजल ने बताया कि मिर्जापुर को बड़े पर्दे पर लाने का फैसला दर्शकों के सीरीज और उसके किरदारों के साथ मजबूत जुड़ाव के कारण लिया गया है। उन्होंने कहा कि दर्शकों के शो के प्रति प्रेम को देखते हुए टीम ने कहानी को सिनेमाघरों तक ले जाने का निर्णय लिया। फजल ने उल्लेख किया कि गुड्डू, मुन्ना और बबलू जैसे किरदार घर-घर में जाने-पहचाने नाम बन गए हैं और दर्शकों ने उनसे गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस किया है।
बिहार यात्रा पर विचार करते हुए फजल ने कहा कि उन्हें बहुत पहले आ जाना चाहिए था। उन्होंने बताया, ‘मुझे यहां पहुंचने में बहुत समय लगा; मुझे बहुत पहले बिहार आ जाना चाहिए था।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके परिवार का राज्य से संबंध है, उनकी सास बिहार से हैं और उनके दादा की पोस्टिंग भी यहीं हुई थी।
दिव्येंदु शर्मा ने कहा कि मिर्जापुर ने कलाकारों को एक अलग पहचान दी है और भारत के ओटीटी स्पेस के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘जब यह पहली बार रिलीज हुई थी, तो इसने ओटीटी स्पेस में क्रांति ला दी थी। इसकी लेखन शैली खूबसूरती से गढ़ी गई है।’ शर्मा ने आगे कहा कि वह मिर्जापुर के प्रशंसक बने रहेंगे, भले ही वह फ्रेंचाइजी का हिस्सा न रहें। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि फिल्म सिंहासन के लिए नए दावेदारों को पेश करती है और दावा किया कि पात्र फिल्म में जीवित हैं तथा घटनाएं सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं। वेब सीरीज में अपने चरित्र की मृत्यु के बाद वापसी के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा कि कहानी ने उनकी वापसी को अपरिहार्य बना दिया था। फिल्म की व्यावसायिक संभावनाओं पर शर्मा ने भविष्यवाणी की कि मिर्जापुर बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगी।







