Bihar Arms Trafficking: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार में हथियार तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में सारण जिले के परसा नगर पंचायत में NIA की टीम ने बड़ी छापेमारी की। मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर करीब चार घंटे तक तलाशी ली गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और घर के आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया था।
तलाशी अभियान पूरा होने के बाद NIA की टीम मुख्य पार्षद के बेटे और वार्ड पार्षद मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना ले गई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हथियार तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
परसा में NIA का बड़ा एक्शन: घर की तलाशी, परिवार से पूछताछ
शनिवार को दिल्ली और पटना से पहुंची NIA की टीम भारी पुलिस बल के साथ परसा पहुंची। टीम के कुछ सदस्य सादे कपड़ों में भी थे। छापेमारी के दौरान घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई, और टीम ने घर के कई हिस्सों की बारीकी से जांच की। परिवार के सदस्यों से भी इस दौरान गहन पूछताछ की गई। लगभग चार घंटे तक चली इस तलाशी प्रक्रिया के बाद करमुल्लाह अंसारी को टीम अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई।
विदेशी फंडिंग और AK-47 तस्करी की जांच
इस कार्रवाई को हथियारों की तस्करी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले से जोड़ा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, NIA अत्याधुनिक हथियारों, विशेषकर AK-47 के पुर्जों के संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। इसके साथ ही विदेशी फंडिंग और हथियारों की कथित तस्करी के पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। इस जांच का संबंध मुजफ्फरपुर में पहले सामने आए हथियार बरामदगी के एक मामले से भी हो सकता है। हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी तक इन कड़ियों के बारे में विस्तृत सार्वजनिक जानकारी नहीं दी है।
करमुल्लाह अंसारी का पुराना रिकॉर्ड और NIA का सक्रिय अभियान
यह पहली बार नहीं है जब परसा स्थित इस आवास पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने कार्रवाई की हो। इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी NIA की टीम ने यहां 10 से 12 घंटे तक लंबी तलाशी ली थी। उस समय बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, और रिपोर्टों के अनुसार, दस्तावेजों के साथ-साथ मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की गई थी। ताजा कार्रवाई के बाद मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी की भूमिका फिर से जांच के दायरे में आ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, उनका नाम पहले भी हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और वह पूर्व में जेल भी जा चुके हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी बिहार में हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार सक्रिय है। 20 अगस्त 2026 को NIA ने मुजफ्फरपुर से AK-47 और गोला-बारूद से जुड़े मामले में एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिस पर नगालैंड से प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार बिहार पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का आरोप था।
इस मामले में आगे की जांच और आधिकारिक खुलासे ही करमुल्लाह अंसारी की मौजूदा कानूनी स्थिति और इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर स्पष्ट करेंगे। NIA की यह कार्रवाई दर्शाती है कि एजेंसी Bihar Arms Trafficking नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।







