दरभंगा का डीएमसीएच एकबारगी डेंगू पीड़ितों से पट गया है। एक साथ छह डेंगू पीड़ितों के मिलने से स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। वहीं, मरीजों के भर्ती होने से हड़कंप की स्थिति है।
इन छह मरीजों में एक मरीज मधुबनी का भी है जो नेपाल में बुखार की चपेट में आया। हालत बिगड़ी तो वहां से सीधा डीएमसीएच पहुंच गया। इन छह मरीजों में से एक नेपाल में रहकर नौकरी करने वाला मधुबनी के हरलाखी निवासी जितेश मल्लिक भी है, वहीं डीएमसीएच की अधीक्षक डॉ. अलका झा ने कहा, हम अलर्ट हैं। लगातार छिड़काव जारी है। पढ़िए रितेश कुमार सिन्हा की डीएमसीएच डेंगू वार्ड से यह रिपोर्ट






उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में एक साथ छह डेंगू मरीजों के मिलने से हड़कंप मच गया है। पूरा डीएमसीएच का डेंगू वार्ड डेंगू मरीजों को लेकर अलर्ट मोड पर है। पिछले 24घंटे में छह मरीजों को डीएमसी से भर्ती कराया गया है।
पहले से इलाजरत दो मरीजों को छुट्टी दे दिया गया। डेंगू वार्ड में इलाजरत सभी छह मरीज डेंगू से पीड़ित है।जिनका इलाज चल रहा है। डीएमसीएच में डेंगू मरीजों के इलाज 40 बेडों का डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया। इस वर्ष अबतक डीएमसीएच में कुल 40 डेंगू मरीजों को भर्ती करवाया गया था। इनमे से 34 को छुट्टी दे दी गई है।
डीएमसीएच में इलाज करवा रहे मरीज के परिजन नंदलाल ठाकुर ने बताया कि मेरे मरीज रामाशीष पासवान सेवानिवृत्त बिहार पुलिस के जवान है। इनका कोई भी ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है। इन्हें करीब एक सप्ताह से बुखार लग रहा था। बुखार में कमी नहीं होने इन्हें डीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहां जांच में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
नेपाल से आये मरीज में मिले डेंगू के लक्षण वहीं, मधुबनी जिला के हरलाखी निवासी जितेश मल्लिक ने बताया कि वह नेपाल के झापा जिला में स्थित एक मोबाइल दुकान में वह काम किया करता है।
बीते गुरुवार से ही उसे नेपाल में बुखार आने लगा था। वहां, के इलाज से सुधार नहीं होने पर वह भारत में अपने घर आ गया। परिजनों ने उसे इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया जहाँ माइक्रो बायोलॉजी विभाग में जांच कराने पर डेंगू पॉजिटिव आने पर उसे डेंगू वार्ड में भर्ती कर लिया गया है।
इस संबंध में डीएमसीएच की अधीक्षक डॉ. अलका झा ने कहा कि पिछले 24 घंटे में डेंगू के छह मरीजों को डीएमसीएच के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के पूरे परिसर में बराबर छिड़काव कराया जा रहा है।
डीएमसीएच की अधीक्षक डॉ. अलका झा ने कहा किपटना और भागलपुर की तुलना में डीएमसीएच में आने वाले डेंगू मरीजो की संख्या कम है। इसके बावजूद जो मरीज आ रहे है उनमें से ज्यादातर मरीजो के पास कोई न कोई ट्रैवल हिस्ट्री रहा करता है। यहां इलाजरत सभी मरीजो का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।








