बिरौल न्यूज़: बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत बिरौल प्रखंड के मध्य विद्यालय कहुआ में कुछ ऐसा हुआ, जिसने बच्चों के चेहरों पर खुशी ला दी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी गदगद कर दिया। मंगलवार को आयोजित एक खास भोज ने न सिर्फ बच्चों का पेट भरा, बल्कि एक शिक्षक के असाधारण योगदान को भी सम्मान दिलाया। आखिर क्या था यह अनूठा आयोजन और क्यों हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है?
बिरौल प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कहुआ में मंगलवार को बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘तिथि भोजन’ योजना के तहत एक विशेष आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बिरौल के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) ने किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराना था, जिसमें समुदाय की सहभागिता को भी बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर विद्यालय के सभी बच्चों के लिए एक भव्य भोज का प्रबंध किया गया था। बच्चों को खीर, पूड़ी और सब्जी का स्वादिष्ट भोजन परोसा गया, जिसे उन्होंने बड़े चाव से खाया। विद्यालय का प्रांगण बच्चों की किलकारियों और भोजन के आनंद से गुलजार हो उठा।
एक शिक्षक की पहल और सम्मान
इस पूरे आयोजन की कमान विद्यालय के वरीय शिक्षक डॉ. रणधीर राय ने संभाली थी। डॉ. राय के अथक प्रयासों और व्यक्तिगत रुचि के कारण ही ‘तिथि भोजन’ कार्यक्रम इतनी सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. रणधीर राय के इस अनुकरणीय कार्य से प्रभावित होकर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने उन्हें सम्मानित किया। मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुसार, डॉ. राय को पग-चादर भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर BEO ने उनके कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे ही नेक कार्यों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों और शिक्षा जगत से जुड़े पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- मध्यान भोजन के प्रखंड प्रभारी संजय चौधरी
- गोपगुट शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रमोद मंडल
- विद्यालय के प्रधानाध्यापक रमेश ठाकुर
- वरीय शिक्षक डॉ. उमेश विश्वकर्मा
- अभिनेश पाण्डेय
- मनोज ठाकुर
- सुरेश मिश्रा
- संगीता कुमारी
इनके अतिरिक्त, अन्य कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और अभिभावक भी इस आयोजन के साक्षी बने, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त किया।







