Alinagar NEET Result: अलीनगर प्रखंड के लिए यह गर्व का क्षण है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 के परिणामों में क्षेत्र के सात होनहार छात्र-छात्राओं ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। इस शानदार प्रदर्शन से न केवल उनके परिवारों बल्कि पूरे प्रखंड और गांवों का नाम रोशन हुआ है। इन सफल विद्यार्थियों में श्रेया झा ने 606 अंक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की है, जिससे पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्रखंड के इन गांवों में मना जश्न
जगबनी गांव के मदन कुमार साफी, जो राम बहादुर सफी और सुनीता देवी के पुत्र हैं, ने 503 अंक प्राप्त किए। उनकी ऑल इंडिया रैंक 85613 रही, जबकि कैटेगरी में उन्हें 3364वां स्थान मिला। अलीनगर गांव के शमीम अहमद के पौत्र अयाज अनवर ने 538 अंक हासिल किए। मुजाहिर अनवर और सजदा परवीन के बेटे अयाज की ऑल इंडिया रैंक 60743 और जनरल कैटेगरी में 37451वां स्थान रहा।






अंटौर गांव से विनोद बिहारी पासवान की बेटी पल्लवी प्रिया ने भी नीट में सफलता पाई है। जौघटा गांव से लव सहनी और कुश सहनी, दो सगे भाइयों ने एक साथ यह उपलब्धि हासिल की। इसी गांव के चंदन कुमार यादव ने भी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर अपने परिवार और गांव का मान बढ़ाया है।

श्रेया झा की असाधारण सफलता और प्रेरक कहानी
अधलोआम पंचायत के रसीदपुर गांव की श्रेया झा ने 606 अंक प्राप्त कर नीट प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता दर्ज की है। वह श्री राम भूषण झा और सुचिता झा की सुपुत्री हैं। ग्रामीण सामाजिक कार्यकर्ता नवनीत झा ‘टोनू’ ने श्रेया को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
नवनीत झा ‘टोनू’ ने कहा, ‘श्रेया झा की 10वीं में 94.2 प्रतिशत तथा 12वीं में 90.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। 10वीं एवं 12वीं रांची से की यह उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत, अनुशासन, लगन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘इस सफलता से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे रसीदपुर गाँव, अधलोआम पंचायत तथा अलीनगर प्रखंड का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।’
नवनीत झा ‘टोनू’ ने श्रेया झा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर समाज एवं राष्ट्र का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने श्रेया झा और उनके परिजनों को इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी।
अलीनगर प्रखंड के इन सात मेधावी छात्र-छात्राओं की सफलता ने क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत स्थापित किया है। यह दर्शाता है कि कड़ी मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उम्मीद है कि ये सभी छात्र भविष्य में चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर अपने राज्य और देश का गौरव बढ़ाएंगे।
दरभंगा की बेटी तहरीम ने NEET में किया कमाल! जानें कैसे पाई 9503वीं रैंक, हर छात्र के लिए प्रेरणा
Darbhanga News: दरभंगा जिले के लिए यह गर्व का क्षण है, क्योंकि यहां की एक होनहार छात्रा तहरीम फातिमा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) में शानदार सफलता हासिल की है। हाल ही में घोषित हुए परिणामों में तहरीम ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सबको प्रभावित किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि उनके शिक्षक और पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा है।
NEET UG 2026 में तहरीम फातिमा का उत्कृष्ट प्रदर्शन
तहरीम फातिमा ने NEET UG 2026 की परीक्षा में कुल 720 अंकों में से 601 अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें 99.5092242 परसेंटाइल मिला है, जिसके आधार पर उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 9503वीं रैंक (AIR) हासिल की है। यह परिणाम उनकी उच्च स्तरीय तैयारी और समर्पण का प्रमाण है।
उन्होंने विषयवार प्रदर्शन में भी बेहतरीन संतुलन दिखाया है:
- जीवविज्ञान: 99.86 परसेंटाइल
- रसायन विज्ञान: 99.71 परसेंटाइल
- भौतिकी: 98.38 परसेंटाइल
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तहरीम ने तीनों विषयों पर मजबूत पकड़ बनाई थी, जो उनकी राष्ट्रीय स्तर की सफलता का आधार बनी।
परिवार और शिक्षकों का मिला भरपूर सहयोग
तहरीम फातिमा दरभंगा जिले की मूल निवासी हैं। उनके पिता एजाज अहमद और माता शबाना परवीन ने हमेशा उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि तहरीम ने नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित करके यह मुकाम हासिल किया है। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने अपने समय का संतुलित उपयोग किया और हर विषय पर समान रूप से मेहनत की।
तहरीम के भाई अब्दुल वासे ने बताया कि यह सफलता केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपनी मेहनत से परिवार का नाम रोशन किया है।
उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के छात्रों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी।
भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत
तहरीम फातिमा की यह सफलता दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि बिहार के अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेगी कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास करें और देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में प्रवेश पाकर अपने राज्य का नाम रोशन करें। यह सफलता निश्चित रूप से कई युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक उदाहरण बनेगी।









