Bihar Education: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में ‘आदर्श विद्यालय’ योजना का शुभारंभ किया, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा। इस पहल के तहत, दरभंगा जिले के हनुमाननगर स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) प्लस टू राजकीय उच्च विद्यालय कोलहंटा पटोरी का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया है। यह कदम राज्य की Bihar Education को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है, जहां अब गांवों के बच्चे भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।







ग्रामीण छात्रों को मिलेगी शहरी सुविधाओं वाली शिक्षा
बेगूसराय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा ऑनलाइन उद्घाटन किए गए इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण छात्रों को भी शहरों जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयोजित समारोह का विधिवत शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक सह निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय परिवार ने मंत्री मदन सहनी, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्या सागर ठाकुर, और प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह को पाग चादर से सम्मानित कर आदर्श विद्यालय की स्थापना के लिए आभार व्यक्त किया।
मंत्री मदन सहनी ने अपने संबोधन में कहा, “सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है। इसी कड़ी में प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण व दूर दराज के छात्रों को भी शहरों जैसी आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है। आदर्श विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, और प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था करना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा देना सरकार का उद्देश्य है। इन विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, अनुशासन, और संस्कार आधारित शिक्षण इसकी विशेषता है। इसका संचालन सरकार करेगी। यहां नामांकन सरकारी नियमों के आधार पर होगी। आशा है क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को एक नई पहचान मिलेगी।”
आदर्श विद्यालयों की खासियत और भविष्य का रोडमैप
इन Model School में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाएगा। आधुनिक कक्षाओं से लेकर सुसज्जित विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं तक, हर सुविधा यहां उपलब्ध होगी। इसके अलावा, एक समृद्ध पुस्तकालय और खेल सुविधाएं भी छात्रों को मिलेंगी, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकें। प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई कमी न आए। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके। इन विद्यालयों की एक और खास विशेषता भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और संस्कार आधारित शिक्षण है।


इन आदर्श विद्यालयों का संचालन पूरी तरह से सरकार द्वारा किया जाएगा और नामांकन सरकारी नियमों के आधार पर होगा। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी, जिससे बिहार की शिक्षा व्यवस्था को एक नई और सकारात्मक पहचान मिलेगी। इस उद्घाटन समारोह में मुखिया माधुरी कुमारी, जद यू नेती श्याम रेखा मिश्रा, शशिकांत प्रसाद, धीरज कुमार वंशी, राधेश चौधरी, नवीन कुमार चौधरी, पूर्व मुखिया राम एकवाल चौधरी, चितरंजन चौधरी, राम ललित चौधरी, विद्यालय संचालन प्रभारी आलोक कुमार समेत शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।










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