Bihar Fertilizer Scheme: बिहार के किसानों के लिए उर्वरक खरीदना अब और भी आसान और पारदर्शी होने जा रहा है। कृषि विभाग, बिहार सरकार ने ‘खाद बिक्री एवं आवेदन प्रणाली’ (FSAS) के तहत ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (FFS) व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इस नई डिजिटल प्रणाली से किसान अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन उर्वरक बुक कर सकेंगे और QR कोड या टोकन के माध्यम से निर्धारित दर पर खाद ले पाएंगे। इससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा और किसानों को अनावश्यक भाग-दौड़ से मुक्ति मिलेगी। यह जानकारी दरभंगा के डीएम कौशल कुमार ने दी।
दरभंगा जिले में इस व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए अब तक 1,62,853 किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पूरी हो चुकी है। यह नई प्रणाली उर्वरक की मांग, बुकिंग और वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
OTP और QR कोड से होगी उर्वरक की खरीद, ऐसे काम करेगी नई व्यवस्था
यह जानकारी देते दरभंगा के डीएम कौशल कुमार ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत, ‘फार्मर आईडी’ धारक किसान अपने मोबाइल पर प्राप्त OTP और फार्मर आईडी के जरिए ‘एग्रीस्टैक’ से जुड़े अपने सर्वे/खेसरा नंबर के आधार पर लॉगिन कर सकेंगे। जिन किसानों की अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे आधार नंबर और OTP या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भी प्रणाली में लॉगिन कर सकते हैं। इसमें रैयत किसान, पूर्वजों की जमाबंदी के वैध वारिस, नई भूमि पर खेती करने वाले किसान, और गैर-रैयत बटाईदार भी शामिल हैं।
FFS प्रणाली के जरिए किसान अपने संबंधित खेसरा और फसल का चयन कर सकेंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की सामान्य अनुशंसा के अनुरूप, संबंधित फसल के लिए आवश्यक उर्वरक की मात्रा प्रणाली पर प्रदर्शित होगी। किसान प्रदर्शित अनुशंसित मात्रा के अनुसार या अपनी आवश्यकता के अनुरूप मात्रा का चयन कर सकते हैं। बुकिंग पूरी होने के बाद, ऐप के माध्यम से एक QR कोड या टोकन जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता 72 घंटे यानी तीन दिनों तक रहेगी। यदि इस अवधि में उर्वरक का उठाव नहीं होता है, तो QR कोड स्वतः निरस्त हो जाएगा और किसान को दोबारा बुकिंग करनी होगी।
खुदरा विक्रेताओं को POS मशीन अपडेट करने का निर्देश, शिकायत निवारण भी आसान
सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को अपनी POS मशीन अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। किसान बुकिंग के बाद जारी QR कोड लेकर संबंधित अधिकृत खुदरा विक्रेता के पास जाएंगे। विक्रेता POS मशीन के माध्यम से QR कोड स्कैन करेगा, जिसके बाद किसान निर्धारित दर पर उर्वरक का उठाव कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध रहेगी, जिससे निर्धारित दर और मात्रा के अनुरूप उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
किसानों की सुविधा के लिए, वे स्वयं FFS ऐप के माध्यम से उर्वरक बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)/वसुधा केंद्र, FPO, PACS, SHG, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। डिजिटल प्रक्रिया में किसी भी कठिनाई के लिए स्थानीय स्तर पर सहायता भी प्रदान की जाएगी। उर्वरक बुकिंग, वितरण या किसी अन्य समस्या के निवारण के लिए पंचायत स्तर से जिला स्तर तक एक समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था भी विकसित की गई है। प्राप्त शिकायतों का समाधान लगभग 2 से 7 कार्य दिवस के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
दरभंगा में 1.62 लाख से अधिक किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पूरी
कृषि विभाग द्वारा संचालित ‘एग्रीस्टैक’ परियोजना के तहत उर्वरक की पारदर्शी बिक्री और किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए ‘फार्मर आईडी’ बनवाना आवश्यक किया गया है। दरभंगा जिले में अब तक 1,62,853 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है। यह रजिस्ट्री किसानों की कृषि संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करती है और मांग आधारित उर्वरक व अन्य कृषि सुविधाओं की उपलब्धता को सुगम बनाती है।
दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के तहत अब तक निम्न संख्या में किसानों की ‘फार्मर आईडी’ निर्गत की गई है:
| प्रखंड का नाम | फार्मर आईडी की संख्या |
|---|---|
| केवटी | 11,731 |
| सिंहवाड़ा | 12,583 |
| दरभंगा | 12,555 |
| मनीगाछी | 9,114 |
| बहादुरपुर | 10,473 |
| हायाघाट | 6,819 |
| अलीनगर | 7,871 |
| कुशेश्वरस्थान पूर्वी | 6,955 |
| कुशेश्वरस्थान | 9,079 |
| बेनीपुर | 9,947 |
| किरतपुर | 4,528 |
| तारडीह | 5,761 |
| जाले | 9,447 |
| घनश्यामपुर | 6,375 |
| हनुमाननगर | 6,500 |
| गौड़ाबौराम | 6,769 |
| बहेड़ी | 14,502 |
| बिरौल | 11,844 |
यह आंकड़ा दर्शाता है कि दरभंगा के किसान तेजी से इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ रहे हैं, जिससे उन्हें भविष्य में कृषि संबंधी सभी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
कृषि विभाग ने उन सभी किसानों से अपील की है जिन्होंने अभी तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे अपने निकटतम CSC/वसुधा केंद्र, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, FPO या PACS के माध्यम से पंजीकरण अवश्य कराएं। इसके लिए आधार कार्ड और भूमि संबंधी आवश्यक विवरण/दावा उपलब्ध कराना होगा, जिसके आधार पर e-KYC और फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। यह डिजिटल पहल न केवल उर्वरक वितरण को सरल बनाएगी, बल्कि किसानों को पारदर्शी, त्वरित और निर्बाध कृषि सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







