Bihar Flood Preparedness: मॉनसून की सक्रियता के साथ ही बिहार में बाढ़ की आशंकाओं के बीच दरभंगा प्रमंडल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने 27 जुलाई को जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में बाढ़ सुरक्षा, तटबंधों की स्थिति, नदी कटाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गहन चर्चा हुई।
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी अभियंता ने अब तक तटबंधों का निरीक्षण नहीं किया है, तो वे अगले 48 घंटे के भीतर इसे अनिवार्य रूप से पूरा करें। यह निर्देश आगामी बाढ़ के खतरे को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






48 घंटे में तटबंधों का निरीक्षण: आयुक्त का कड़ा निर्देश
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने जोर देते हुए कहा कि सिर्फ एक बार का निरीक्षण पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को प्रत्येक 15 दिनों पर सभी तटबंधों की नियमित निगरानी और सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उनका मानना है कि इससे किसी भी संभावित कमजोर स्थल की समय रहते पहचान हो सकेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।
‘केवल एक बार निरीक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक 15 दिनों पर सभी तटबंधों का नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी की जाए, ताकि किसी भी संभावित कमजोर स्थल की समय रहते पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।’
सके।’ उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लेना अनिवार्य है।
संवेदनशील स्थलों पर सैंडबैग और कटाव निरोधी कार्य
बैठक में नदी कटाव की वर्तमान स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अभियंताओं से कटाव निरोधी कार्यों और उनकी प्रगति की जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी कटाव की संभावना है, वहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई की जाए।
‘संवेदनशील एवं कटाव संभावित स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त मात्रा में सैंडबैग सहित अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।’
इसके अतिरिक्त, उन्होंने संवेदनशील और कटाव संभावित स्थलों की पहचान कर पर्याप्त मात्रा में सैंडबैग सहित अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। यह कदम बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक होगा।
अंतर-जिला समन्वय और आपदा विभाग से तालमेल
आयुक्त ने सभी अभियंताओं को आपदा प्रबंधन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। बैठक में एक जिले से दूसरे जिले को आवश्यक संसाधन, मानवबल या तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था और समन्वय तंत्र की भी समीक्षा की गई।
‘आपदा प्रबंधन विभाग के साथ निरंतर समन्वय (को-ऑर्डिनेशन) बनाए रखने का निर्देश दिए।’
उन्होंने सभी अभियंताओं से इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस समन्वय से किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। बैठक में संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव श्री मनोज कुमार और सहायक निदेशक (योजना) सुश्री प्रीति कुमारी के साथ-साथ दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर के जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता उपस्थित थे।








