Madhubani Fertilizer Black Marketing: किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर मधुबनी जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ चलाए गए सघन अभियान में 43 बैग अवैध खाद जब्त की गई है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
फुलपरास में गुप्त सूचना पर बड़ी छापेमारी, लाखों की खाद जब्त
यह बड़ी कार्रवाई 24 जुलाई 2026 को फुलपरास प्रखंड में की गई। प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुमन कुमार और कृषि समन्वयक-सह-उर्वरक निरीक्षक मनोरंजन कुमार ने जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी के निर्देश पर एक संयुक्त छापेमारी दल का नेतृत्व किया। गुप्त सूचना के आधार पर फुलपरास थाना क्षेत्र के ग्राम फुलकाही, पंचायत महथौर खुर्द, मुरली चौक वार्ड संख्या-17 स्थित परमानंद कुमार की किराना दुकान पर छापा मारा गया।






छापेमारी के दौरान, दुकान से बिना किसी वैध लाइसेंस के DAP, NPK और UREA सहित विभिन्न प्रकार के कुल 43 बैग उर्वरक बरामद हुए। इन अवैध उर्वरकों का कुल वजन 2.115 मीट्रिक टन था। जांच के उपरांत, सभी अवैध खाद को तत्काल जब्त कर लिया गया। इस मामले में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, फुलपरास द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत फुलपरास थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस संबंध में कांड संख्या-324/26, दिनांक 24.07.2026 अंकित किया गया है।
किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं: जिलाधिकारी आनंद शर्मा
किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। जिला प्रशासन किसानों को समय पर उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस कार्रवाई पर सख्त रुख दिखाते हुए उपरोक्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि मधुबनी जिला प्रशासन किसानों को शोषण से बचाने और कृषि सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। भविष्य में भी ऐसे अवैध धंधों पर लगाम लगाने के लिए निरंतर निगरानी और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।








